बनेगा काशी का दिव्य-भव्य एकीकृत न्यायिक परिसर 25 एकड़ जमीन पर आधुनिक कोर्ट कैंपस, कचहरी-दीवानी एक जगह, योगी ने दिए तुरंत निर्देश
बनेगा काशी का दिव्य-भव्य एकीकृत न्यायिक परिसर 25 एकड़ जमीन पर आधुनिक कोर्ट कैंपस, कचहरी-दीवानी एक जगह, योगी ने दिए तुरंत निर्देश वाराणसी। काशी की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुगम व आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है। सेंट्रल जेल के बगल में उपलब्ध 25 एकड़ खाली जमीन पर दिव्य-भव्य एकीकृत कोर्ट कैंपस का निर्माण किया जाएगा, जिसमें कचहरी और दीवानी कोर्ट एक ही परिसर में होंगे। साथ ही वातानुकूलित चैंबर, अस्पताल और बेहतर कैंटीन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। शनिवार को सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कचहरी में जगह की गंभीर कमी का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के दौरान इस बैठक में शामिल हुए। उनके साथ बनारस बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई सदस्य भी मौजूद रहे। अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत कुछ वर्षों में अधिवक्ताओं की संख्या दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही है। पुराने परिसर की तुलना में अब जगह काफी कम पड़ रही है। कई वकीलों को खुले में या प्रतिकूल मौसम में काम करना पड़ रहा है। मात्र जून 2026 के महीने में ही करीब 750 नए अधिवक्ताओं ने सेंट्रल बार एसोसिएशन में नामांकन कराया है, जिससे मौजूदा परिसर की क्षमता पूरी तरह चरमरा गई है। एसोसिएशन ने सरकार के ‘इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस’ अभियान के तहत स्पष्ट मांग रखी कि कचहरी और दीवानी न्यायालय को एक ही परिसर में लाया जाए। प्रस्तावित 25 एकड़ जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनने से अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम जनता को भी न्याय प्रक्रिया में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मांग को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और जिलाधिकारी को तुरंत भूमि संबंधी सभी आवश्यक रिकॉर्ड शासन को भेजने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने आश्वासन दिया कि इस स्थल पर आधुनिक सुविधाओं से पूर्ण रूप से युक्त एक मॉडल न्यायिक परिसर विकसित किया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता सेंट्रलबार पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर सिंह ने बताया कि वर्तमान में कचहरी और दीवानी कोर्ट अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण करीब 20-25 प्रतिशत अधिवक्ताओं को दोनों जगहों पर आवागमन करने में काफी परेशानी होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से सभी संशय दूर हो गए हैं। जल्द ही वाराणसी को एक ही बाउंड्री वॉल के भीतर कचहरी और दीवानी कोर्ट वाला ‘दिव्य-भव्य’ न्यायिक परिसर मिल जाएगा, जो काशी की न्यायिक विरासत को नई दिशा और ऊंचाई प्रदान करेगा।
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