बेंगलूरु। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा, राजाजीनगर, बेंगलूरु के तत्वावधान में प्रेस्टीज वेस्ट वुड्स परिसर में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसन्ना कुमार पी. (अधिवक्ता एवं विशेष लोक अभियोजक, सीबीआई एवं एनआईए) रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में उदय शेट्टी, अश्विन सेमलानी (डीआरयूसीसी सदस्य, दक्षिण पश्चिम रेलवे, बेंगलूरु), प्रेस्टीज वेस्ट वुड्स के अध्यक्ष जगदीश, जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष अशोक चौधरी, एमजेओएस संघ बेंगलूरु के अध्यक्ष ललित मंडोत तथा प्रेक्षा ध्यान प्रशिक्षिका श्रीमती रेनू कोठारी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन में वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। “योगः कर्मसु कौशलम्” के संदेश को आत्मसात करते हुए सभी को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। योग संयोजक उत्तमचंद गन्ना के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन सहित विभिन्न योगासन तथा अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी।
इसके पश्चात प्रेक्षा ध्यान प्रशिक्षिका श्रीमती रेनू कोठारी ने प्रेक्षा ध्यान एवं मेडिटेशन का सत्र आयोजित किया। उन्होंने बताया कि ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता एवं आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि योग भारत की विश्व को अमूल्य देन है, जो शांति, सद्भाव और स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यक्रम में प्रेस्टीज वेस्ट वुड्स के सभी निवासियों एवं स्वयंसेवकों के सहयोग की सराहना की गई। अंत में “प्रतिदिन योग स्वस्थ जीवन का आधार” का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने योग एवं ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, संतुलित एवं खुशहाल जीवन की कामना के साथ हुआ।
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