अमेरिका-चीन संबंधों के बीच हाई-प्रोफाइल स्वागत समारोह, B-2 बॉम्बर और F-22 रैप्टर के फ्लाईपास्ट ने खींचा ध्यान
अंतरराष्ट्रीय डेस्क। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 11 साल बाद अमेरिका पहुंचने के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किए गए कथित विशेष स्वागत समारोह ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। रिपोर्ट के अनुसार, ज्वॉइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग के विमान के पास स्वागत के दौरान आसमान में B-2 स्टील्थ बॉम्बर और F-22 रैप्टर विमानों की आवाज सुनाई दी। इस फ्लाईपास्ट को अमेरिकी सैन्य क्षमता के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया।
हालांकि, ट्रंप के चेहरे पर तनाव या बेचैनी के भाव होने संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। किसी व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति का आकलन केवल दृश्य या चेहरे के हाव-भाव से निश्चित रूप से नहीं किया
कता B-2 और F-22 के फ्लाईपास्ट का क्या था संदेश?
रिपोर्टों के मुताबिक, व्हाइट हाउस की ओर से जारी कार्यक्रम में 24 सितंबर को होने वाले स्वागत समारोह के दौरान एक B-2 बॉम्बर और चार F-22 रैप्टर विमानों के फ्लाईपास्ट का उल्लेख था। इसे अमेरिका की सैन्य क्षमता और औपचारिक स्वागत समारोह के हिस्से के रूप में देखा गया।
हालांकि, यह कहना कि फ्लाईपास्ट का उद्देश्य ट्रंप की ओर से चीन को डराना था, या कि ट्रंप खुद विमानों की आवाज से घबरा गए, एक अनुमान होगा। ऐसे दावों को आधिकारिक बयान या विश्वसनीय रिपोर्ट के आधार पर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन में इन मुद्दों पर चर्चा
चीनी राष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। इनमें व्यापार समझौता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दुर्लभ खनिज, ताइवान और क्षेत्रीय सुरक्षा शामिल हैं।
चीनी विश्लेषकों के अनुसार, शिखर सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी प्रतिद्वंद्विता को संभालना और संबंधों को सीधे टकराव की दिशा में जाने से रोकना हो सकता है। हालांकि, वार्ता के वास्तविक परिणाम और दोनों पक्षों के बीच सहमति का आकलन सम्मेलन के बाद ही किया जा सकेगा
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