बिना मंजूर नक्शे के हो रहा था निर्माण, जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल; 15 दिन पहले ही रोक दिया गया था काम

नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में हुई है। तीनों फरीदाबाद की दौज तहसील के सिरोही गांव के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें निर्माण कार्य से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि करीब 50 वर्ग मीटर के भूखंड पर बन रही इमारत का नगर निगम से नक्शा पास नहीं कराया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य कराया जा रहा था।

बिना मंजूरी के हो रहा था निर्माण

जांच में सामने आया कि संबंधित इमारत के निर्माण के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। एमसीडी के एक अधिकारी के अनुसार, निगम के पास इस निर्माण से संबंधित कोई स्वीकृति दर्ज नहीं थी। यहां तक कि इस अवैध निर्माण को लेकर निगम को कोई शिकायत भी नहीं मिली थी।

अधिकारियों के मुताबिक, इमारत का निर्माण कार्य करीब 15 दिन पहले ही रोक दिया गया था। इसके बावजूद हादसे के समय तक इमारत की तीन मंजिलें बन चुकी थीं और छत की ढलाई का काम चल रहा था।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल

हादसे की जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी। बताया जा रहा है कि निर्माण में लगी सामग्री ठीक से जम भी नहीं पाई थी। ऐसे में निर्माण की कमजोर गुणवत्ता को इमारत ढहने की संभावित वजहों में शामिल किया जा रहा है।

दो मजदूरों की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई

गुरुवार को हुए इस हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई थी। घटना के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की। निर्माण में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

फिलहाल पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कैसे कराया जा रहा था और निर्माण कार्य में किन लोगों की जिम्मेदारी थी।