सूरजपुर। बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड समेत तीन मामलों में अपर जिला न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। प्रधान आरक्षक की पत्नी और 12 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत फूलसिंह उर्फ रिंकू, आर्यन विश्वकर्मा और चंद्रकांत चौधरी को दोषी करार दिया। वहीं, नीलकंठेश्वर साहू और सूरज साहू को दोषमुक्त कर दिया गया। हत्या के मामले में दोषियों की सजा पर फैसला 8 अक्टूबर को होगा।
प्रधान आरक्षक पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में 10 साल की सजा
प्रधान आरक्षक उदय सिंह पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में अदालत ने कुलदीप साहू को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। पुलिस अधिकारी पर फायरिंग से जुड़े आर्म्स एक्ट के मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर कुलदीप साहू और सूरज साहू को दोषमुक्त कर दिया गया।
14 अक्टूबर 2024 को हुई थी हत्या
अभियोजन के अनुसार, 14 अक्टूबर 2024 को कुलदीप साहू ने कथित तौर पर साथियों के साथ मिलकर हेड कांस्टेबल की पत्नी और उनकी 12 वर्षीय बेटी की घर में घुसकर चाकू से हत्या कर दी थी। बाद में दोनों के शव पीढ़ा गांव में सड़क किनारे मिले थे। इससे एक दिन पहले पुलिसकर्मियों पर गर्म तेल फेंकने और गाड़ी चढ़ाने के प्रयास का मामला भी सामने आया था।
घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था और भीड़ ने मुख्य आरोपी के घर में आग लगा दी थी। पुलिस ने घटना के दो दिन बाद कुलदीप साहू को बलरामपुर जिले से गिरफ्तार किया था। मामले में आरोपी चंद्रकांत चौधरी उस समय NSUI के जिला अध्यक्ष थे।
फैसले के बाद कोर्ट परिसर में दिखा कुलदीप
10 साल की सजा और दोहरे हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद कुलदीप साहू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत के फैसले के बाद अब हत्या के मामले में दोषियों को मिलने वाली सजा पर 8 अक्टूबर को होने वाले फैसले पर सभी की नजर है।
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