1 जनवरी 2027 होगी अर्हता तिथि, नए वोटरों को मिलेगा आवेदन का मौका; घर-घर गणना के बजाय पारदर्शी तरीके से होगा मतदाता सूची का संशोधन
नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच चुनाव आयोग ने अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, मौजूदा मतदाता सूची में त्रुटियों को सुधारना और चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, SSR के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है। इसके तहत पात्रता प्राप्त करने वाले युवा और पहली बार मतदान करने वाले नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
क्या है SSR और SIR में अंतर?
SSR यानी Special Summary Revision को हिंदी में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कहा जाता है। वहीं, SIR यानी Special Intensive Revision का अर्थ विशेष गहन पुनरीक्षण है।
SSR में मौजूदा मतदाता सूची के आधार पर नए नाम जोड़ने, विवरण में सुधार करने और पात्र मतदाताओं को शामिल करने पर जोर दिया जाता है। इसके विपरीत, SIR अधिक व्यापक और गहन सत्यापन प्रक्रिया है। SSR के तहत सामान्य रूप से BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर गणना नहीं करेंगे।
युवाओं को मिलेगा अग्रिम आवेदन का अवसर
चुनाव आयोग ने पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के लिए आवेदन की सुविधा का प्रावधान किया है। 1 जनवरी 2027 को पात्र होने वाले नागरिकों के अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले नागरिक भी अग्रिम आवेदन जमा कर सकेंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है।
नए मतदान केंद्र बनाने पर भी होगा विचार
संशोधन प्रक्रिया के दौरान यदि फील्ड वेरिफिकेशन में नए मतदान केंद्रों की जरूरत सामने आती है, तो जिला निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों से परामर्श के बाद उन्हें अंतिम रूप देंगे। इससे मतदाताओं को मतदान करने में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
राजनीतिक दलों को नियमित रूप से मिलेगी जानकारी
चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के साथ नियमित संवाद पर जोर दिया है। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक बैठक करेंगे। उन्हें मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से संबंधित दावों तथा आपत्तियों की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची की प्रिंटेड कॉपी के साथ पढ़ने योग्य PDF भी राजनीतिक दलों को दी जाएगी। इसके अलावा, BLO और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के बीच समन्वय स्थापित कर ड्राफ्ट सूची की जांच और जरूरी सुधारों की पहचान की जाएगी।
फॉर्म-7 के इस्तेमाल पर विशेष निर्देश
मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने या किसी मौजूदा नाम को हटाने का अनुरोध करने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर 2026 के पत्र के माध्यम से फॉर्म-7 जमा करने से संबंधित अधिकतम सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े मामलों की निगरानी करना है।
e-EPIC डाउनलोड करने की सुविधा
मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बाद पात्र मतदाता ECINET ऐप या पोर्टल के माध्यम से अपना इलेक्ट्रॉनिक मतदाता पहचान पत्र (e-EPIC) डाउनलोड कर सकेंगे। इसकी जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए भेजी जा सकती है। भौतिक EPIC कार्ड स्पीड पोस्ट या BLO के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है।
महिलाओं और कमजोर वर्गों पर रहेगा विशेष ध्यान
चुनाव आयोग ने महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, अनुसूचित जनजातियों, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG), वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार व्यक्तियों, गरीबों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के नामांकन को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।
इसके लिए जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित करने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि पात्र नागरिकों को आवेदन और नामांकन प्रक्रिया में सहायता मिल सके।
अधिकारियों के कामकाज की होगी निगरानी
SSR के दौरान ERO और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के आदेशों की समीक्षा जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), रोल ऑब्जर्वर और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के स्तर पर की जाएगी। मतदाता सूची और उससे जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 32 के तहत सुनिश्चित की जाएगी।
मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है SSR?
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और सूची में गलतियों को समय रहते सुधारा जा सके। ऐसे में मतदाताओं को अपनी प्रविष्टियों की जांच करनी चाहिए और नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन करना चाहिए।
चुनाव आयोग की इस पहल से आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और अद्यतन बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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