फार्महाउस, प्राइवेसी और भविष्य का निवेश बना आकर्षण; कृषि आय पर टैक्स छूट का नियम भी जानिए

नई दिल्ली। बॉलीवुड सितारों से लेकर क्रिकेट जगत की दिग्गज हस्तियों तक, देश की कई जानी-मानी हस्तियां खेती की जमीन और फार्महाउस में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। किसी के लिए यह प्रकृति के करीब रहने और सुकून के पल बिताने का जरिया है, तो किसी के लिए लंबी अवधि के निवेश का विकल्प। इसके अलावा, कृषि भूमि से होने वाली वास्तविक कृषि आय पर मिलने वाली आयकर छूट भी इस विषय को चर्चा में बनाए रखती है।

सलमान खान, विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, शाहरुख खान के परिवार और अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियों के जमीन में निवेश की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि, कृषि भूमि खरीदने के नियम, उससे होने वाली आय और टैक्स संबंधी लाभ हर मामले में अलग हो सकते हैं।

इन सितारों के पास है खेती की जमीन

सलमान खान: अभिनेता सलमान खान का पनवेल स्थित फार्महाउस लंबे समय से चर्चा में रहा है। हरियाली, खुले मैदान और घोड़ों के लिए बने अस्तबल जैसी सुविधाओं के कारण यह जगह सुर्खियों में रहती है। इस संपत्ति के क्षेत्रफल को लेकर प्रकाशित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

धर्मेंद्र: दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र का खेती और ग्रामीण जीवन के प्रति लगाव जगजाहिर था। उनसे जुड़ी कृषि संपत्तियों और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने की खबरें भी सामने आती रही हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा: मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस चर्चित जोड़ी ने महाराष्ट्र के अलीबाग क्षेत्र में लगभग 5.1 एकड़ जमीन खरीदी थी। रिपोर्टों में इसकी कीमत करीब 37.86 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालांकि, इस भूमि का कानूनी वर्गीकरण और वर्तमान उपयोग अलग से सत्यापितकिया जाना चाहिए।

सुहाना खान: अभिनेता शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान के नाम अलीबाग क्षेत्र में कृषि भूमि से जुड़े निवेश की खबरें भी प्रकाशित हुई हैं। ऐसे निवेश में जमीन की श्रेणी, स्वामित्व और अनुमत उपयोग महत्वपूर्ण होते हैं।

अमिताभ बच्चन: महानायक अमिताभ बच्चन के विभिन्न स्थानों पर संपत्ति निवेश की खबरें आती रही हैं। अलीबाग और अयोध्या में जमीन से जुड़े निवेश के दावों के लिए संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों और विश्वसनीय रिपोर्टों की पुष्टि जरूरी है।

आखिर खेती की जमीन क्यों आकर्षित करती है?

1. लंबी अवधि में निवेश की संभावना

कृषि भूमि सीमित उपलब्धता वाला संसाधन है। कुछ क्षेत्रों में सड़क, बुनियादी ढांचे और आसपास के विकास के कारण इसकी कीमत बढ़ सकती है। हालांकि, जमीन के दाम बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है और निवेश में नुकसान का जोखिम भी रहता है।

2. प्राइवेसी और प्रकृति से जुड़ाव

फिल्मों और क्रिकेट की दुनिया से जुड़ी हस्तियों की जिंदगी लगातार लोगों की नजरों में रहती है। शहर की भीड़ से दूर स्थित फार्महाउस उन्हें निजी समय बिताने, परिवार के साथ रहने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने का अवसर दे सकते हैं।

3. खेती और कृषि व्यवसाय

कृषि भूमि पर लागू नियमों के तहत खेती, बागवानी और अन्य अनुमत कृषि गतिविधियां की जा सकती हैं। इससे कृषि उत्पादों के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, खेती में मौसम, पानी, उत्पादन लागत और बाजार भाव से जुड़े जोखिम बने रहते हैं।

क्या खेती की जमीन खरीदने पर मिलता है टैक्स में फायदा?

कृषि भूमि में निवेश को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा आयकर छूट की होती है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—कृषि भूमि खरीदना और कृषि से आय अर्जित करना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।

1. वास्तविक कृषि आय पर छूट: आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(1) के तहत निर्धारित शर्तों के अधीन कृषि आय को केंद्रीय आयकर से छूट प्राप्त है। इसमें जमीन पर की गई वास्तविक कृषि गतिविधियों से प्राप्त पात्र आय शामिल हो सकती है।

2. जमीन खरीदने पर स्वतः टैक्स छूट नहीं: केवल कृषि भूमि खरीद लेने से व्यक्ति को उसकी पूरी कीमत पर आयकर छूट नहीं मिल जाती। भूमि खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत और लागू कर नियम अलग विषय हैं।

3. जमीन बेचने पर पूंजीगत लाभ के नियम: कृषि भूमि बेचने से होने वाले लाभ पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह भूमि की स्थिति, उसके ग्रामीण या शहरी वर्गीकरण और लागू कानूनी शर्तों पर निर्भर करता है। आयकर कानून के तहत निर्धारित ग्रामीण कृषि भूमि को पूंजीगत संपत्ति की परिभाषा से बाहर रखा जा सकता है, जबकि शहरी कृषि भूमि की बिक्री पर पूंजीगत लाभ कर लागू हो सकता है।

4. हर तरह की आय कृषि आय नहीं: कृषि भूमि से जुड़ी हर कमाई को कृषि आय मानकर करमुक्त नहीं किया जा सकता। आय का वास्तविक स्रोत, गतिविधि की प्रकृति और कानून में निर्धारित शर्तें महत्वपूर्ण होती हैं।

कृषि भूमि खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

भारत के विभिन्न राज्यों में कृषि भूमि खरीदने को लेकर अलग-अलग नियम हैं। कुछ राज्यों में गैर-कृषकों के लिए खरीद पर प्रतिबंध या विशेष शर्तें हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त भूमि का स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड, भूमि उपयोग, सिंचाई और कानूनी अनुमति की जांच करना भी जरूरी है।

इसलिए केवल संभावित टैक्स लाभ या भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद के आधार पर कृषि भूमि खरीदना उचित नहीं है। निवेश से पहले संबंधित राज्य के भूमि कानूनों और आयकर नियमों की विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।