SBI ATM के मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा घटी, LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी; 15 अक्टूबर से चुनिंदा UPI पेमेंट पर MDR

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बैंकिंग, LPG, NPS, इनकम टैक्स, UPI और रेलवे से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुआ है। कुछ नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं, जबकि UPI से जुड़ा अहम बदलाव 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा। ऐसे में बैंक ग्राहक, LPG उपभोक्ता, NPS निवेशक और रेल यात्रियों के लिए नए नियमों की जानकारी जरूरी है।

SBI ATM से मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा घटी

SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। इसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल हैं। सीमा खत्म होने के बाद दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालने पर 23 रुपये + GST, जबकि गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये + GST शुल्क लगेगा।

LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

घरेलू LPG ग्राहकों के लिए सब्सिडी वाले सिलेंडर पर निर्धारित कीमत का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जिन ग्राहकों का ऑथेंटिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं है।

ऑथेंटिकेशन गैस डिलीवरी के समय, LPG वितरक के शोरूम या संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए किया जा सकता है। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य पात्र उपभोक्ताओं तक सब्सिडी का लाभ पहुंचाना है।

15 अक्टूबर से चुनिंदा UPI पेमेंट पर MDR

UPI को लेकर नया नियम 1 अक्टूबर से नहीं, बल्कि 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। दिए गए फ्रेमवर्क के मुताबिक, 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा P2M (Person-to-Merchant) ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लिया जाएगा, ग्राहक से अलग से MDR नहीं वसूला जाएगा।

P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच UPI भुगतान मुफ्त रहेगा। वहीं 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट इस MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। कुछ निर्धारित श्रेणियों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लागू होगा।

जेब पर क्या असर?

ATM की मुफ्त सीमा घटने से बार-बार दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों का खर्च बढ़ सकता है। LPG में आधार ऑथेंटिकेशन सब्सिडी पाने की प्रक्रिया से जुड़ा है, जबकि प्रस्तावित UPI MDR का सीधा शुल्क ग्राहक से लेने की बात नहीं है। इसलिए UPI के मामले में आम ग्राहक पर तत्काल अतिरिक्त शुल्क का असर नहीं पड़ेगा।