वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगेज’ एयर शो को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाए प्रचार और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप
वाराणसी, 22 अक्टूबर। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर वाराणसी में आयोजित होने जा रहे ‘विंग्स ओवर गंगेज’ एयर शो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया है कि बीजेपी इस आयोजन को पार्टी के प्रचार का माध्यम बना रही है। उन्होंने एयर शो के लिए जारी किए जा रहे पास पर बीजेपी नेताओं और जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें होने पर सवाल उठाए हैं।
पास पर नेताओं की तस्वीरों को लेकर विवाद
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी में नमो घाट से अस्सी घाट के बीच एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर को किया जाना है। उत्तर प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन में 20 लाख से अधिक लोग पहुंच सकते हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि एयर शो के पास भारतीय वायुसेना की ओर से जारी किए जाने के बजाय बीजेपी के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित किए जा रहे हैं। अजय राय ने सवाल उठाया कि यदि यह भारतीय वायुसेना का आधिकारिक कार्यक्रम है, तो इसके पास पर राजनीतिक नेताओं की तस्वीरें क्यों लगाई गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 23 अक्टूबर को होने वाले एमएलसी चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से इस आयोजन के जरिए भीड़ जुटाई जा रही है। कांग्रेस ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता के संभावित उल्लंघन का मामला बताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना जरूरी है।
बीजेपी विधायकों को सौंपी गई भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी?
कांग्रेस के दावों के अनुसार, वाराणसी के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए बीजेपी विधायकों को लोगों को एयर शो तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
- नीलकंठ तिवारी: ललिता घाट से प्रहलाद घाट तक।
- रवींद्र जायसवाल: राजघाट से प्रहलाद घाट तक।
- सौरभ श्रीवास्तव: अस्सी घाट से राजेंद्र प्रसाद घाट तक।
- सुनील पटेल: अघोरेश्वर और डोमरी क्षेत्र में लोगों को जुटाने के लिए।
इन व्यवस्थाओं को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या सरकारी आयोजन में राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों की भूमिका निर्धारित करना उचित है। इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक आदेश और पास जारी करने की आधिकारिक प्रक्रिया का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के नेता और चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी आयोजन की तारीख और भीड़ जुटाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है और निर्वाचन आयोग को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।
वीरेंद्र सिंह ने सवाल किया कि क्या यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना का आयोजन है या राजनीतिक प्रचार का माध्यम बन रहा है। ये विपक्षी नेताओं के आरोप हैं; इन्हें सिद्ध तथ्य मानने से पहले संबंधित दस्तावेजों और अधिकारियों के पक्ष की जांच आवश्यक है।
क्या आचार संहिता का उल्लंघन हुआ?
इस विवाद में मुख्य सवाल यह है कि एयर शो के पास किस विभाग या प्राधिकरण ने जारी किए, उन पर राजनीतिक नेताओं की तस्वीरें लगाने का निर्णय किसने लिया और क्या आयोजन के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग चुनावी प्रचार के उद्देश्य से किया गया।
आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का निष्कर्ष निकालने के लिए निर्वाचन आयोग को आयोजन की परिस्थितियों, पास के स्वरूप, वितरण व्यवस्था और संबंधित निर्देशों की जांच करनी होगी।
फिलहाल विवाद का केंद्र एयर शो नहीं, बल्कि उसके पास जारी करने और भीड़ जुटाने की कथित राजनीतिक व्यवस्था है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और निर्वाचन आयोग इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।
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