LPG वितरकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका; सभी संगठन आंदोलन के समर्थन में नहीं
नई दिल्ली। दिवाली के त्योहार से पहले देश में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन से जुड़े वितरक आज पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड में दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। ऐसे में त्योहारों के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, फिलहाल देशव्यापी आपूर्ति बाधित होने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या हैं LPG वितरकों की प्रमुख मांगें?
एलपीजी वितरक लंबे समय से कमीशन में संशोधन और परिचालन लागत से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। LDAI ने अपनी मांगों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल किए हैं:
- डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क: होम डिलीवरी एवं प्रशासनिक शुल्क में 75 रुपये की बढ़ोतरी की मांग।
- ई-केवाईसी का भुगतान: ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए प्रति मामले 236 रुपये के भुगतान की मांग।
- कमीशन में संशोधन: वितरकों के कमीशन में नियमित और उचित बढ़ोतरी की मांग।
- PNG कनेक्शन का मुद्दा: पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस (PNG) कनेक्शन लेने पर एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग।
वितरकों का तर्क है कि परिचालन खर्च बढ़ने के बावजूद उनके कमीशन में लंबे समय से अपेक्षित संशोधन नहीं हुआ है। इससे कारोबार चलाने में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
आठ साल से कमीशन में नियमित संशोधन नहीं होने का दावा
LDAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने TV9 भारतवर्ष से बातचीत में कहा कि एलपीजी वितरकों के कमीशन में पिछले आठ वर्षों से अधिक समय से नियमित संशोधन नहीं किया गया है। उनके अनुसार, वर्ष 2018 के बाद 2022 में अंतरिम राहत के तौर पर मामूली बढ़ोतरी की गई थी।
शर्मा ने यह भी दावा किया कि वितरकों ने पिछले एक साल में अपनी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। एसोसिएशन का कहना है कि वितरकों की आर्थिक समस्याओं का समाधान जल्द किया जाना चाहिए।
हड़ताल को लेकर सभी संगठन एकमत नहीं
एलपीजी वितरकों के बीच आंदोलन की रणनीति को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AILDF) और फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) इस हड़ताल के समर्थन में नहीं बताए जा रहे हैं।
इन संगठनों का मानना है कि तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। बताया गया है कि 21 अक्टूबर को मुंबई में तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई थी।
इस मतभेद से स्पष्ट है कि वितरकों के बीच मांगों को लेकर सहमति होने के बावजूद आंदोलन के तरीके पर एकराय नहीं है।
क्या दिवाली पर सिलेंडर की किल्लत होगी?
दिवाली के दौरान घरेलू रसोई गैस की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में यदि वितरकों की हड़ताल व्यापक स्तर पर होती है और वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है, तो उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, केवल सांकेतिक प्रदर्शन के ऐलान से देशभर में एलपीजी संकट होने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। आपूर्ति पर वास्तविक असर हड़ताल के विस्तार, तेल कंपनियों की व्यवस्था और संबंधित क्षेत्रों में वितरण सेवाओं की स्थिति पर निर्भर करेगा।
सरकार और तेल कंपनियों के फैसले पर नजर
एलपीजी वितरकों के प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर सरकार और तेल विपणन कंपनियों के रुख पर रहेगी। यदि बातचीत के जरिए मांगों पर सहमति बनती है, तो संभावित हड़ताल को टाला जा सकता है। वहीं, समाधान नहीं निकलने की स्थिति में आंदोलन तेज होने की आशंका है।
फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और बिना पुष्टि के सिलेंडर की कमी या आपूर्ति बंद होने की अफवाहों से बचें।
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