अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक लूला की जीत से लैटिन अमेरिका की राजनीति में हलचल

ब्राजील। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर एक बार फिर सत्ता में वापसी की है। खबर में दावा किया गया है कि उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 44 लाख वोटों से पराजित किया। इस जीत के साथ लैटिन अमेरिका की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

लूला डा सिल्वा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक माने जाते हैं। उनकी जीत ऐसे समय में सामने आई है, जब लैटिन अमेरिका के कई देशों में दक्षिणपंथी विचारधारा के नेताओं का प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे में ब्राजील के चुनाव परिणाम को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लोकतंत्र और राष्ट्रीय संप्रभुता पर जोर

चुनाव में जीत के बाद लूला ने लोकतंत्र की रक्षा और देश की स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील किसी दूसरे देश के इशारे पर नहीं चलेगा और सरकार के फैसलों में आम जनता की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के जरिए विदेशी हस्तक्षेप को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

लूला की जीत को अमेरिकी दबाव का विरोध करने वाली राजनीतिक ताकतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राजील और मेक्सिको जैसे लैटिन अमेरिका के बड़े देशों में वामपंथी विचारधारा वाली सरकारों की मौजूदगी क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर तनाव

ब्राजील दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। चुनाव प्रचार के दौरान लूला ने स्पष्ट किया था कि ब्राजील को अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेने चाहिए और किसी भी बाहरी दबाव में नहीं आना चाहिए। अमेरिका की ओर से ब्राजील पर लगाए गए ऊंचे आयात शुल्क भी दोनों देशों के बीच तनाव का एक प्रमुख मुद्दा रहे हैं।

मतदान का समय बढ़ाने पर विवाद

चुनाव के दौरान मतदान का समय बढ़ाने को लेकर भी विवाद सामने आया। खबर के अनुसार, मतदान समाप्त होने से तीन मिनट पहले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्रिस्टियानो जानिन ने मतदान का समय दो घंटे बढ़ाने का आदेश दिया। बताया गया कि यह निर्णय दोनों उम्मीदवारों की मांग के बाद लिया गया।

लूला ने साओ पाउलो और साल्वाडोर में मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने वाली बसों में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया था। वहीं, बोल्सोनारो ने दक्षिणी ब्राजील में भारी बारिश के कारण मतदान प्रभावित होने की आशंका जताई थी।