रियाद/सना। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिख रहा है। हूतियों ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में तेल कंपनी अरामको के एक ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। हमले के बाद अरामको के एक ठिकाने के आसपास आग और धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने की खबर सामने आई। हालांकि, सऊदी अधिकारियों और अरामको की ओर से तत्काल इस हमले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई।

हूतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि यह हमला यमन की राजधानी सना और दूसरे इलाकों में सऊदी हमलों के जवाब में किया गया। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता ने रियाद को निशाना बनाए जाने के हूतियों के दावे को भ्रामक बताया है। ऐसे में हमले के वास्तविक नुकसान और प्रभाव की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

अरामको के ठिकाने के पास दिखा आग और धुएं का गुबार

रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार को रियाद में अरामको के एक ठिकाने के आसपास आग और काले धुएं का बड़ा गुबार देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से भी आग लगने की जानकारी सामने आई, लेकिन घटना के कारण और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि तत्काल नहीं हुई।

हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने इस ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया और अभियान अपने लक्ष्य में सफल रहा। सऊदी पक्ष ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है।

सितंबर में भी अरामको ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

यह पहली बार नहीं है जब हूतियों ने सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले का दावा किया है। 24 सितंबर को भी हूतियों ने रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने और लाल सागर के तटीय शहर यानबू में अरामको की सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया था।

उस समय सऊदी अरब ने कहा था कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने हूतियों की ओर से दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को ताइफ और यानबू की दिशा में इंटरसेप्ट किया। सऊदी अधिकारियों ने अरामको के ठिकानों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं की थी।

सऊदी अरब बड़े सैन्य अभियान की तैयारी में

इसी बीच रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब हूतियों के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। संभावित अभियान का उद्देश्य लाल सागर के तटीय इलाकों में हूतियों की पकड़ को कमजोर करना और रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से स्थापित करना बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित अभियान में सऊदी समर्थन वाली यमनी सेनाएं जमीनी कार्रवाई कर सकती हैं, जबकि सऊदी वायुसेना हवाई हमलों में भूमिका निभा सकती है। अभियान का समय अभी निश्चित नहीं बताया गया है।

हूतियों का दावा- यमन में 94 हवाई हमले

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में यमन के कई इलाकों में सऊदी विमानों ने 94 हवाई और मिसाइल हमले किए। उनके मुताबिक, हमले सना, सादा, ताइज, हज्जा, अमरान और अल-बायदा समेत कई इलाकों में हुए।

हूती पक्ष ने इन हमलों में नागरिकों के मारे जाने और घायल होने का भी दावा किया है। हालांकि, इन आंकड़ों और हमलों में हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है। रॉयटर्स ने भी हूती प्रवक्ता के हवाले से 94 हमलों के दावे की रिपोर्ट की है।

बढ़ते हमलों से तेल और लाल सागर की सुरक्षा पर चिंता

सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लगातार हमलों के दावों ने क्षेत्र के तेल बुनियादी ढांचे और लाल सागर के समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सितंबर में भी रियाद के आसपास हूती हमले की खबर सामने आई थी और सऊदी अधिकारियों ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की थी।

अगर सऊदी अरब और हूतियों के बीच सैन्य टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रह सकता। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए यहां लंबे समय तक तनाव रहने से क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।