पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में सपा का शानदार प्रदर्शन, लाल बिहारी यादव को 10,958 प्रथम वरीयता के वोट; भाजपा के प्रमोद मिश्रा दूसरे और बागी चेत नारायण सिंह तीसरे स्थान पर रहे

वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने शानदार जीत दर्ज कर भाजपा को करारा शिकस्त दी है। इस चुनाव में भाजपा के बागी प्रत्याशी चेत नारायण सिंह की मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। चुनाव परिणाम को सपा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए शुभ संकेत के रूप में देख रही है।

लाल बिहारी यादव ने प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में 10,958 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 वोट मिले। वहीं, भाजपा के बागी प्रत्याशी चेत नारायण सिंह को 3,111 मत प्राप्त हुए। प्रथम वरीयता के मतों में सपा प्रत्याशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 4,898 वोटों की बढ़त बनाई।

दूसरी वरीयता की गिनती में लाल बिहारी यादव विजयी

वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद लाल बिहारी यादव को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ उन्होंने विधान परिषद में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है।

पिछले चुनाव में लाल बिहारी यादव ने 936 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार उनकी जीत का अंतर लगभग 4,900 वोट बताया जा रहा है। इस तरह पिछली बार के मुकाबले जीत का अंतर पांच गुना से भी अधिक हो गया है।

सपा के लिए यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वाराणसी को भाजपा का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है।

भाजपा के बागी चेत नारायण सिंह ने बिगाड़ा समीकरण

इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के बागी प्रत्याशी चेत नारायण सिंह से मिली। चेत नारायण सिंह को 3,111 प्रथम वरीयता के वोट मिले।

राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से इन वोटों ने भाजपा के चुनावी समीकरण को प्रभावित किया हो सकता है। यदि ये मत भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी के पक्ष में जाते, तो मुकाबले की तस्वीर अलग हो सकती थी। हालांकि, सभी बागी प्रत्याशी के मत भाजपा के संभावित वोट ही थे, ऐसा निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।

इसके बावजूद परिणाम ने स्पष्ट कर दिया कि वाराणसी शिक्षक सीट पर भाजपा अपनी बढ़त कायम रखने में सफल नहीं रही और सपा प्रत्याशी ने निर्णायक जीत हासिल की।

सपा ने 2027 के लिए बताया शुभ संकेत

वाराणसी में मिली जीत से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ गया है। पार्टी इस परिणाम को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है।

सपा के लिए यह जीत इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। यहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा को हराना विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से उत्साहजनक परिणाम माना जा रहा है।

हालांकि, विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम को सीधे विधानसभा चुनाव के नतीजों का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी इस जीत से सपा को राजनीतिक संदेश देने का अवसर जरूर मिला है।

वाराणसी के नतीजों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता

वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम ने भाजपा के सामने संगठनात्मक एकजुटता और बागी उम्मीदवारों की चुनौती जैसे सवाल खड़े किए हैं। वहीं, सपा के लिए यह जीत अपने समर्थकों का मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

वाराणसी में लाल बिहारी यादव की बड़ी जीत ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इस परिणाम का प्रदेश की राजनीति पर कितना प्रभाव पड़ता है और भाजपा आगामी चुनावों से पहले अपने संगठनात्मक समीकरणों को किस तरह मजबूत करती है।