वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचों टी20 मुकाबलों में बेंच पर बैठे रहे 15 साल के वैभव; न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम में चयन, लेकिन संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी बनी चुनौती
नई दिल्ली। आईपीएल में अपने बल्ले से तहलका मचाने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना आसान नहीं दिख रहा है। शानदार प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी के बावजूद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में एक भी मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला। अब सभी की निगाहें न्यूजीलैंड दौरे पर हैं, जहां वैभव को भारतीय टीम में शामिल तो किया गया है, लेकिन प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भारत की मौजूदा ओपनिंग जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन तथा टीम के संतुलन को देखते हुए वैभव के लिए रास्ता आसान नहीं है। हालांकि, उन्हें मौका नहीं मिलेगा, यह पहले से तय मान लेना भी सही नहीं होगा। अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति और मैच की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मुरली कार्तिक की दोटूक राय, सिर्फ बदलाव के लिए बदलाव क्यों?
पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक का मानना है कि टीम में बदलाव केवल किसी युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब मौजूदा खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया हो, तो टीम मैनेजमेंट को उनकी जगह बदलने से पहले ठोस कारण देखना चाहिए।
कार्तिक ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोनों बल्लेबाजों की गुणवत्ता साबित हो चुकी है। ऐसे में केवल वैभव की प्रतिभा को देखते हुए स्थापित ओपनिंग जोड़ी को बदलना जरूरी नहीं है।
टीम चयन में यही सबसे बड़ी चुनौती है। किसी युवा खिलाड़ी का प्रतिभाशाली होना और किसी खास समय पर प्लेइंग इलेवन में उसके लिए जगह बनना दो अलग-अलग बातें हैं।
संजू-अभिषेक की जोड़ी बनी वैभव के सामने दीवार
टी20 क्रिकेट में ओपनिंग जोड़ी का प्रदर्शन मैच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी को बनाए रखने के पीछे टीम मैनेजमेंट की निरंतरता की रणनीति हो सकती है।
इसके अलावा, ईशान किशन भी शीर्ष क्रम में एक विकल्प हैं। ऐसे में वैभव को जगह देने के लिए केवल एक खिलाड़ी को बाहर करना ही मुद्दा नहीं होगा, बल्कि टीम के संतुलन और बल्लेबाजी क्रम पर भी विचार करना पड़ेगा।
यदि मौजूदा ओपनर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो चयनकर्ता युवा खिलाड़ी को कुछ समय इंतजार करने के लिए कह सकते हैं। दूसरी ओर, खराब फॉर्म, चोट या टीम की रणनीति में बदलाव वैभव के लिए अवसर पैदा कर सकते हैं।
यशस्वी जायसवाल जैसा हो सकता है इंतजार
वैभव की स्थिति को समझने के लिए यशस्वी जायसवाल का उदाहरण भी महत्वपूर्ण है। जायसवाल ने टेस्ट क्रिकेट और आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से क्षमता साबित की है, लेकिन सीमित ओवरों की टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें भी स्थापित खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी है।
टीम में प्रतिभा की कमी न होने पर चयनकर्ताओं के सामने मुश्किल यह होती है कि किस खिलाड़ी को किस प्रारूप और किस परिस्थिति में मौका दिया जाए। किसी खिलाड़ी का एक प्रारूप में सफल होना अपने आप दूसरे प्रारूप में नियमित जगह की गारंटी नहीं देता।
वैभव के सामने भी यही चुनौती है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, लेकिन टीम मैनेजमेंट को यह भी देखना होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस भूमिका में सबसे प्रभावी होंगे।
न्यूजीलैंड दौरे पर क्या है वैभव का समीकरण?
भारत की न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में वैभव सूर्यवंशी शामिल हैं। इसका अर्थ है कि उनके पास टीम के साथ रहकर अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर है। लेकिन टीम में चयन और अंतिम एकादश में जगह मिलना अलग-अलग चरण हैं।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में टीम मैनेजमेंट बल्लेबाजी संयोजन, गेंदबाजों के खिलाफ रणनीति और मैच की जरूरतों को ध्यान में रख सकता है। यदि मौजूदा ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा बरकरार रहता है, तो वैभव को फिर इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, टीम में बदलाव की जरूरत पड़ने पर उन्हें मौका मिल सकता है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि न्यूजीलैंड में भी उन्हें खेलने का अवसर नहीं मिलेगा। इतना जरूर है कि प्रतिस्पर्धा कड़ी है और उन्हें अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है।
टैलेंट के साथ धैर्य भी जरूरी
वैभव सूर्यवंशी की उम्र को देखते हुए उनके सामने लंबा करियर बनाने का अवसर है। कम उम्र में मिली लोकप्रियता के साथ उम्मीदें भी बढ़ती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नियमित जगह बनाने के लिए निरंतर प्रदर्शन, तकनीकी सुधार और दबाव में खेलने की क्षमता जरूरी होती है।
टीम मैनेजमेंट के लिए भी चुनौती है कि वह युवा खिलाड़ी को पर्याप्त अवसर दे, लेकिन साथ ही सफल खिलाड़ियों और टीम के संतुलन को बनाए रखे।
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी की कहानी प्रतिभा की कमी की नहीं, बल्कि मौके और प्रतिस्पर्धा की है। न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है या इंतजार बढ़ता है, इसका फैसला टीम मैनेजमेंट करेगा। लेकिन एक बात साफ है—भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में जगह बनाने के लिए उन्हें स्थापित खिलाड़ियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
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