गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना से रोमांचित हुए हजारों दर्शक, तिरंगा फॉर्मेशन बना आकर्षण; रविवार को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में मुख्य प्रदर्शन
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी शनिवार को भारतीय वायुसेना के अदम्य शौर्य, अत्याधुनिक युद्धक क्षमता और जांबाज पायलटों के हैरतअंगेज करतबों की साक्षी बनी। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के दूसरे दिन गंगा के ऊपर राफेल, सुखोई और अन्य लड़ाकू विमानों की गर्जना ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आसमान में विमानों की तेज रफ्तार, चुनौतीपूर्ण हवाई कलाबाजियां और सारंग हेलीकॉप्टर टीम का तिरंगा फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहा। घाटों पर मौजूद दर्शकों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ वायुसेना के जांबाजों का उत्साह बढ़ाया।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस ऐतिहासिक हवाई प्रदर्शन में देश की सामरिक शक्ति और आधुनिक विमानन तकनीक का शानदार परिचय मिला। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने विभिन्न संरचनाओं में उड़ान भरकर अपनी गति, सटीक नियंत्रण और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। कम ऊंचाई पर उड़ान, अचानक दिशा परिवर्तन और आसमान में जटिल संरचनाएं बनाते विमानों ने दर्शकों की निगाहें थाम दीं।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों ने दिखाया अद्भुत तालमेल
एयर शो में सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन दल के पांच स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों की कलाबाजियां विशेष आकर्षण रहीं। आसमान में तिरंगा फॉर्मेशन और एक-दूसरे के बेहद करीब सधे हुए अंदाज में उड़ान भरते हेलीकॉप्टरों ने पायलटों के साहस, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। स्क्वाड्रन लीडर गौतम त्यागी ने युवाओं से वायुसेना के शौर्य से प्रेरणा लेने की अपील की। वहीं, स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने सारंग टीम की विशेषताओं और स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं की जानकारी दी।
सौ विमानों के शक्ति प्रदर्शन से काशी बनी राष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र
तीन दिवसीय एयर शो में देश के 12 वायु अड्डों से करीब 100 विमान शामिल किए गए हैं। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 32 हेलीकॉप्टर, 15 परिवहन विमान और एक विरासत विमान शामिल है। सूर्य किरण और सारंग प्रदर्शन दल के साथ वायुसेना के गरुड़ कमांडो भी आयोजन का हिस्सा हैं। काशी की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विशेष हवाई फॉर्मेशन ने इस आयोजन को विशिष्ट स्वरूप दिया है। गंगा के दोनों किनारों पर उमड़ी भीड़ ने भारतीय वायुसेना की ताकत और पायलटों के अद्वितीय कौशल को करीब से देखा।
रविवार को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में होगा मुख्य एयर शो
एयर शो के अंतिम दिन रविवार, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। मुख्य प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
काशी के ऐतिहासिक गंगा तट पर भारतीय वायुसेना का यह शक्ति प्रदर्शन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश की सैन्य आत्मनिर्भरता, तकनीकी सामर्थ्य और अडिग रक्षा संकल्प का प्रभावशाली संदेश भी दे गया। एक ओर सदियों पुरानी काशी की आध्यात्मिक विरासत और दूसरी ओर आधुनिक भारत की आकाशीय शक्ति का यह संगम राष्ट्रीय गौरव का अविस्मरणीय दृश्य बन गया।
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