31 विद्यालयों में अप्रोच रोड, 11 में जलभराव और 152 विद्यालयों में विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के निर्देश

प्रयागराज। मंडल में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने गुरुवार को आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में जनपद प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) एवं सभी बीईओ/एबीएसए के साथ बैठक कर शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार जानकारी ली गई।

समीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बीएसए ने बताया कि जनपद के 24 विकासखंडों में कुल 2,832 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 166 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों को मेन रोड पार करके विद्यालय जाना पड़ता है। मंडलायुक्त के पूर्व निर्देशों के क्रम में इन सभी विद्यालयों में शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षामित्र बच्चों को गांव से विद्यालय तक सुरक्षित लाने तथा छुट्टी के बाद उन्हें वापस गांव तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। जसरा विकासखंड में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा भी बच्चों की सुरक्षित आवाजाही में सहयोग किए जाने की जानकारी दी गई। कई स्थानों पर व्यापारियों ने लाल झंडे लगाए हैं, जिससे बच्चों को सड़क पार कराने में सहायता मिल रही है। मंडलायुक्त ने सभी 166 विद्यालयों में इस व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सामने आया कि करीब 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड का अभाव है। वहीं 11 विद्यालयों में गड्ढों के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है। लगभग 152 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं होने अथवा विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हैं। मंडलायुक्त ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हाल ही में 44 विद्यालयों के पास से हाईटेंशन विद्युत तार हटाए जाने की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।

दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं की समीक्षा में करीब 184 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई। मंडलायुक्त ने ऐसे विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार रैम्प और हैंडरेल की व्यवस्था कराने तथा जहां संभव हो, पृथक दिव्यांग शौचालय का निर्माण शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

विद्यालयों में साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी डीपीआरओ तथा विस्तारित नगर निगम क्षेत्र के विद्यालयों में संबंधित नगर निगम अधिकारियों की है। उन्होंने दोनों स्तरों पर जवाबदेही तय करते हुए लापरवाही मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधानों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ बैठकों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा से पहले सभी विद्यालयों में समितियों की बैठक दोबारा आयोजित कराई जाए और बैठक के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति में हुई प्रतिशत वृद्धि का स्पष्ट आकलन किया जाए। बीएसए को शिक्षकों एवं अभिभावकों के संयुक्त हस्ताक्षर तथा बैठक के फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को “स्टार परफॉर्मर्स” के रूप में प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। ऐसे विद्यार्थियों के नाम नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित कर उन्हें मेडल और बैज से सम्मानित करने को कहा गया। साथ ही विद्यालयों में वॉल पेंटिंग कराकर वातावरण को आकर्षक और प्रेरणादायी बनाने पर जोर दिया गया।

शारदा अभियान के तहत विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों को भी चिन्हित कर एनजीओ के सहयोग से उनके परिवारों से संपर्क करने तथा उन्हें भीख मांगने से मुक्त कर शिक्षा, सुरक्षा और कल्याण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में सुरक्षित आवागमन, स्वच्छ वातावरण, मूलभूत सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन किया जाए। अगली समीक्षा बैठक में कार्रवाई की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।