अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर उठे सवालों के बीच ट्रस्ट ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय की ओर से चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद ट्रस्ट ने सोशल मीडिया के माध्यम से चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझा की है। ट्रस्ट का कहना है कि CEO का चयन निर्धारित नियमों, पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर किया गया है।
ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि CEO के चयन को लेकर कुछ मीडिया माध्यमों में ऐसी जानकारियां प्रसारित हो रही हैं, जो तथ्यात्मक नहीं हैं। इन्हीं दावों को स्पष्ट करने के लिए ट्रस्ट ने चयन प्रक्रिया का पूरा घटनाक्रम सामने रखा है।
6 जुलाई को गठित हुई थी सर्च कमेटी
ट्रस्ट के अनुसार, CEO के चयन के लिए 6 जुलाई 2026 को सर्च कमेटी का गठन किया गया था। इसके बाद देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। ट्रस्ट ने बताया कि समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले।
आवेदनों की स्क्रीनिंग के लिए कई स्तरों पर मूल्यांकन किया गया। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एआई स्क्रीनिंग के साथ-साथ विशेषज्ञों द्वारा मैनुअल मूल्यांकन भी किया गया। ट्रस्ट का कहना है कि उम्मीदवारों को केवल तकनीकी प्रक्रिया के आधार पर नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद भी परखा गया।
5,585 आवेदनों में से 16 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट
कई चरणों की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के बाद कुल 16 उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इन सभी उम्मीदवारों को 11 और 12 अगस्त 2026 को अयोध्या बुलाया गया, जहां आमने-सामने बातचीत और साक्षात्कार आयोजित किए गए।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भी इस चयन प्रक्रिया में शामिल हुए थे। ट्रस्ट के मुताबिक, उन्होंने 11 अगस्त 2026 को पहली पाली में साक्षात्कार दिया था।
1 सितंबर को सर्च कमेटी ने सौंपी अंतिम रिपोर्ट
साक्षात्कार और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्च कमेटी ने 1 सितंबर 2026 को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें न्यास को सौंप दीं। इसके बाद 2 सितंबर को ट्रस्ट की ओर से शीर्ष प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक किए गए।
इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, संजय प्रताप सिंह, विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज के नाम शामिल थे।
जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू में शामिल न होने का दावा गलत: ट्रस्ट
ट्रस्ट ने विशेष रूप से उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र 11 और 12 अगस्त को आयोजित साक्षात्कार में शामिल नहीं हुए थे।
ट्रस्ट के अनुसार, जितेंद्र मिश्र का शीर्ष प्रत्याशियों की सूची में शामिल होना इस बात का दस्तावेजी आधार है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया, उनका मूल्यांकन किया गया और उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें आगे रखा गया।
ट्रस्ट ने कहा कि CEO का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया है और इससे संबंधित गलतफहमियों को दूर करने के लिए चयन प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक किया गया है।
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