व्यापारियों की मांगें और विकास प्राधिकरण के साथ सार्थक वार्ता
वाराणसी। काशी नगरी में मैरेज लॉन व्यवसायियों का सब्र अब टूटने लगा है। लगातार आंदोलन के बावजूद विकास प्राधिकरण द्वारा कथित काले कानून में कोई फेरबदल न किए जाने से व्यापारी नाराज हैं। मंगलवार को वाराणसी मैरेज लॉन व्यापार मंडल द्वारा विकास प्राधिकरण के काले कानून के आड़ में लॉन व्यापारियों के उत्पीड़न के विरोध में महापंचायत आयोजित की गई। इसके बाद बुधवार को मंडल के प्रतिनिधि मंडल ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को प्रेषित दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपाध्यक्ष वाराणसी विकास प्राधिकरण को सौंपा।
प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष ने नियमों में ढील देने की मांग रखी। उपाध्यक्ष मृत्युंजय सोनकर ने स्कूल और नर्सिंग होम संचालकों की तर्ज पर केवल कवर्ड एरिया का शुल्क लेने का सुझाव दिया। महामंत्री बबलू मिश्रा ने कहा कि हम व्यापारी नियमों से चलना चाहते हैं, लेकिन नियम व्यावहारिक होने चाहिए। वाराणसी विकास प्राधिकरण के अधिकारी श्री पूर्ण बोरा जी ने सार्थक वार्ता में प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि उनकी सभी बातों और मांगों को शासन तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों को अपने स्तर से भी शासन के साथ निरंतर वार्ता और पत्राचार जारी रखने की सलाह दी।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल अजित सिंह बग्गा, शिव प्रकाश मौर्य, सदानंद पटेल, नरेंद्र सोनकर, संजीत कुमार, गुड्डू पटेल, राजेश श्रीवास्तव, अरुण गुप्ता, अजय गुप्ता, मदन, शेखर बाबा इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में मैरेज लॉन व्यापारी उपस्थित रहे। व्यापारी अब शासन स्तर पर अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति बनाने की तैयारी में हैं। यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे और अधिक सख्त आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। यह मुद्दा वर्तमान में वाराणसी के मैरेज लॉन व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।
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