वॉशिंगटन। फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर विमान के ओमानी सह-पायलट का ईरान से संभावित कनेक्शन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की अभी जांच चल रही है और आधिकारिक तौर पर पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या सह-पायलट और ईरान के बीच कोई संबंध है, तो उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर काम कर रहे हैं और उन्हें जो शुरुआती जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर जवाब ‘हां’ है। उनसे पूछा गया कि अगर हमले में ईरान की भूमिका सामने आती है तो क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा? ट्रंप ने कहा कि ईरान को ‘बहुत बुरी तरह’ मारा जाएगा।

IRGC से कनेक्शन पर भी बोले ट्रंप

ट्रंप से यह भी पूछा गया कि क्या सह-पायलट को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने विमान में भेजा था या उसे पहले कट्टरपंथी बनाया गया था। ट्रंप ने जवाब दिया कि ऐसा हो सकता है, लेकिन उन्होंने इसके समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।

क्या हुआ था फ्लाईदुबई की उड़ान में?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। विमान तेजी से नीचे आया, लेकिन घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।

भारतीय पायलट की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने सराहना की है। वहीं, हमले के पीछे की वास्तविक वजह और किसी बाहरी संगठन या देश की भूमिका की जांच अभी जारी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सह-पायलट के कथित ‘इस्लामिस्ट रेडिकल इंडॉक्ट्रिनेशन’ की बात कही है, लेकिन ईरान से सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।