वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में सनातन चेतना को जागृत करने और धरोहर संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। गोस्वामी तुलसीदास विचार परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष विशाल दुबे के नेतृत्व में सनातन चेतना सम्मेलन 19 अगस्त 2026 (बुधवार) को आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम गोस्वामी तुलसीदास जी के 529वें प्राकट्य उत्सव (जयंती) के अवसर पर बिरादरी के अनुरूप रखा गया है। कार्यक्रम धर्मसंघ शिक्षा मण्डल, दुर्गाकुण्ड, वाराणसी में दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा। यह संस्था रामकारपात्री जी महाराज की प्रेरणा से संचालित एक प्रमुख सनातन शैक्षिक संस्थान है, जो सनातन धर्म, शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय है। आयोजकों का कहना है कि तुलसीदास जी की रचनाओं, विशेषकर रामचरितमानस में सनातन धर्म, भक्ति, नैतिकता और राष्ट्र सेवा का गहरा संदेश निहित है।
आज के समय में हम सभी जागृत होने के साथ ऐसे सम्मेलन संस्कारों और सनातन मूल्यों को बचाने का सशक्त माध्यम बनेंगे। इस सम्मेलन में कई संगठन सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। इनमें धरोहर संरक्षण सेवा संगठन एवं केसरिया भारत के प्रमुख संयोजक कृष्णानन्द पाण्डेय अहम भूमिका निभा रहे हैं। कृष्णानन्द पाण्डेय ने बताया कि सनातन चेतना सम्मेलन का उद्देश्य लोगों को जागृत करना और आज के परिवेश में सोए हुए समाज को नींद से जगाना है। उन्होंने कहा, लोग जाते हुए सपने देखते हैं, उनको हकीकत में लाकर नया इतिहास रचने जा रही है गोस्वामी तुलसीदास विचार परिषद्। इस कार्यक्रम में हम बाढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। आयोजकों ने आमंत्रित किया है कि सनातन मूल्यों में रुचि रखने वाले सभी व्यक्ति इस अवसर पर जरूर पहुंचें और सनातन चेतना के इस अभियान का हिस्सा बनें।
Comments (0)