वाराणसी/प्रयागराज। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के बीच गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की ओर से 19 अगस्त 2026 को शाम चार बजे जारी आंकड़ों के अनुसार वाराणसी के राजघाट में गंगा का जलस्तर 68.04 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर में करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
राजघाट गेज स्थल पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर, खतरे का स्तर 71.262 मीटर तथा अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3.22 मीटर नीचे है।
वहीं प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार नैनी में यमुना का जलस्तर 79.89 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले चार घंटे में 9 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.39 मीटर रहा और यहां 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसी तरह छतनाग में गंगा का जलस्तर 79.47 मीटर दर्ज किया गया, जहां पिछले चार घंटे में 8 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। एसटीपी बक्सी बांध क्षेत्र में जलस्तर 80.05 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई।
प्रयागराज में गंगा के लिए खतरे का स्तर 84.734 मीटर निर्धारित है। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक सभी प्रमुख तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं। हालांकि नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। प्रशासन की निगरानी के बीच लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी जा रही है।
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