वाराणसी। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें एक वर्ष के लिए ग्राम पंचायत का प्रशासक बनाए जाने की व्यवस्था ने गांवों में विकास को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। ऐसे समय में ग्राम पंचायत बेनीपुर के नवनियुक्त ग्राम प्रशासक राम पूजन का मानना है कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास पर खरा उतरने की परीक्षा भी है। उनका कहना है कि गांव के विकास में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ जनहित में किया जाएगा। प्रस्तुत है उनसे हुई विशेष बातचीत के प्रमुख अंश—


पहली प्राथमिकता— भेदभाव रहित विकास और जनविश्वास को मजबूत करना

राम पूजन कहते हैं कि सरकार ने एक वर्ष तक गांव की सेवा करने का जो अवसर दिया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उनका स्पष्ट कहना है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का जाति, धर्म या व्यक्तिगत आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। ग्राम पंचायत को जो भी धनराशि प्राप्त होगी, उसका उपयोग नालियों की सफाई, सड़क एवं सीवर व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास, शौचालय निर्माण तथा पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किया जाएगा। उनका लक्ष्य पूरे गांव को समान रूप से विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।


नई जिम्मेदारी के साथ विकास कार्यों को देंगे रफ्तार

ग्राम प्रधान से प्रशासक बनने के बाद जिम्मेदारियों में आए बदलाव पर वह कहते हैं कि अभी नई व्यवस्था लागू हुई है और विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गांव में विकास कार्य बिना अनावश्यक देरी के शुरू होकर समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें।


अधूरे कार्य होंगे पूरे, जल निगम की समस्याएं भी होंगी प्राथमिकता में

राम पूजन बताते हैं कि ग्राम पंचायत से सात-आठ विकास प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जिनमें प्रमुख रूप से सड़कों के निर्माण का कार्य शामिल है। उपलब्ध बजट के अनुसार सभी अधूरे कार्य पूरे कराए जाएंगे। वह विशेष रूप से जल निगम की कार्यशैली को बड़ी समस्या बताते हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें खोद दी जाती हैं, लेकिन उनकी मरम्मत समय पर नहीं होती। इसके अलावा आरओ प्लांट की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी प्राथमिकता में शामिल रहेगी।


अतिक्रमण विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा

ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के सामने आने वाली चुनौतियों पर राम पूजन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि और सड़कों पर अवैध अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है। कई बार लोगों द्वारा की गई अवैध बाउंड्री के कारण सड़क और अन्य विकास कार्य रुक जाते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन के सहयोग से ऐसी बाधाओं को दूर कर विकास कार्यों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।


सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ा लक्ष्य

बेनीपुर की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए राम पूजन बताते हैं कि गांव के चार सरकारी तालाबों पर अतिक्रमण गंभीर चिंता का विषय है। उनका प्रयास रहेगा कि सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित कराया जाए और पंचायत की सार्वजनिक भूमि का संरक्षण सुनिश्चित हो। उनका मानना है कि प्रशासनिक सहयोग और जनभागीदारी से इन समस्याओं का समाधान संभव है।


पारदर्शिता के साथ हर पात्र तक पहुंचेगी सरकारी योजना

पंचायतों में पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवालों पर राम पूजन कहते हैं कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। वृद्धजनों के लिए पेंशन शिविर लगाए जाएंगे, पात्र परिवारों को आवास योजना से जोड़ा जाएगा तथा सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया नियमों और पारदर्शिता के साथ संचालित होगी।


राजनीति से ऊपर उठकर गांव के विकास में करें सहयोग

ग्रामवासियों को संदेश देते हुए राम पूजन कहते हैं कि गांव का विकास केवल प्रशासक या पंचायत प्रतिनिधियों के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उनका कहना है कि कई बार राजनीतिक मतभेदों के कारण विकास कार्य प्रभावित हो जाते हैं। यदि सभी लोग व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर गांव के हित में सहयोग करें, तो विकास की गति कई गुना तेज हो सकती है और बेनीपुर एक आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित हो सकता है।