वाराणसी। श्री रामलीला जन कल्याण समिति, सिरसा के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला में भरत मिलाप की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के वनवास से लौटने की प्रतीक्षा कर रहे भरत जी के विरह और चारों भाइयों के मिलन के मार्मिक दृश्य को देखकर पंडाल में मौजूद सैकड़ों दर्शक भावुक हो उठे। कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कलाकारों के सजीव अभिनय ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

भरत जी अपने अनुज शत्रुघ्न जी के साथ भगवान श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैसे ही भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का आपस में मिलन हुआ, पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस भावुक दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

मेले में उमड़ी भारी भीड़

रामलीला के साथ आयोजित मेले में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों के लिए लगाए गए झूले, चाट-पकौड़ी की दुकानें और खिलौनों की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग रामलीला और मेले का आनंद लेने पहुंचे।

समिति के अध्यक्ष अवनीश उपाध्याय ने बताया कि सिरसा की यह ऐतिहासिक रामलीला वर्ष 1962 से लगातार आयोजित की जा रही है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला के साथ भव्य मेले का आयोजन किया गया है, ताकि लोगों को धार्मिक आस्था और संस्कृति से जुड़ने के साथ-साथ मनोरंजन का अवसर भी मिल सके।

रामलीला के इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश दिया। भरत मिलाप की लीला ने जहां दर्शकों को भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति और प्रेम से सराबोर किया, वहीं मेले ने लोगों को उत्सव का आनंद लेने का अवसर प्रदान किया।