‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण, स्वच्छ एवं हरित काशी का दिया संदेश

वाराणसी। साकेत नगर पार्क नंबर-2 एवं आसपास की कॉलोनी में बुधवार को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर वृहद अभियान चलाया गया। पर्यावरण ऋषि अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित अभियान में पार्क और कॉलोनी परिसर की साफ-सफाई के साथ पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान लोगों ने लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सृजन सामाजिक विकास न्यास एवं गंगा हरितिमा अभियान उत्तर प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर अनिल कुमार सिंह ने की। उन्होंने सीआरपीएफ 95वीं बटालियन, नगर निगम की टीम, कॉलोनी के सम्मानित नागरिकों और छात्रों के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान को गति दी। इसी क्रम में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। उपस्थित लोगों को पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल की शपथ भी दिलाई गई।

अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन तक सीमित रहने वाला अभियान नहीं, बल्कि निरंतर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से लगाए गए पौधों की देखभाल करने और स्वच्छता की मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और सामूहिक सहभागिता से शहर को स्वच्छ एवं हरित बनाने में मदद मिलेगी।

अभियान में समाजसेवी सुधीर सिंह, सुरेश सिंह, पार्षद प्रतिनिधि राजीव पटेल, संरक्षक अशोक पटेल, श्रीकांत पांडेय, बुल्लू राय समेत कॉलोनी के अनेक सम्मानित सदस्यों ने सहभागिता की। वहीं, कमांडेंट एस. बाला पुरकार के निर्देशन में सीआरपीएफ 95वीं बटालियन की टीम ने प्रवीण सिंह के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने “स्वच्छ काशी, सुंदर काशी, हरित काशी” का संदेश देते हुए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।