काशी के आसमान में गरजे लड़ाकू विमान, 22, 24 और 25 अक्टूबर को दिखेगा वायुसेना का शौर्य
नमो घाट के ऊपर तीन विमानों ने 55 मिनट तक किया अभ्यास, लूप, बैरल रोल और लो पास जैसे करतबों ने बढ़ाया रोमांच; राफेल, सुखोई और तेजस के प्रदर्शन का रहेगा आकर्षण
वाराणसी। गंगा की लहरों के ऊपर सोमवार सुबह भारतीय वायुसेना के विमानों की गर्जना से काशी का आसमान गूंज उठा। नमो घाट पर प्रस्तावित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की तैयारियों के बीच वायुसेना के तीन विमानों ने करीब 55 मिनट तक हवाई करतबों का अभ्यास किया। सुबह 10:40 बजे से शुरू हुई विमानों की गतिविधियां करीब 11:35 बजे तक जारी रहीं। विमानों की तेज आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और छतों पर पहुंचकर इस रोमांचक नजारे को कैमरों में कैद करने लगे।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम के तहत नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयर शो प्रस्तावित है। आयोजन को लेकर प्रशासन, पुलिस और वायुसेना की तैयारियां तेज हो गई हैं। अभ्यास के दौरान विमानों ने लूप, बैरल रोल और लो पास जैसे करतब दिखाकर लोगों का उत्साह बढ़ा दिया।
लूप, बैरल रोल और लो पास से रोमांचित हुए लोग
अभ्यास के दौरान विमानों ने आसमान में कई तरह के हवाई करतब दिखाए। लूप के दौरान विमान गोलाकार पथ पर उड़ते नजर आए, जबकि बैरल रोल में उन्होंने अपनी धुरी पर घूमते हुए कलाबाजियां दिखाईं। लो पास के दौरान विमानों ने कम ऊंचाई पर तेज गति से उड़ान भरी।
तीनों विमान कभी लोगों की नजरों के सामने आते तो अगले ही पल बादलों में ओझल हो जाते। कुछ देर बाद तेज रफ्तार से दोबारा दिखाई देते और आसमान में करतब दिखाने लगते। हर बार विमानों के नजर आने पर छतों पर मौजूद लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगते। इस अभ्यास ने आगामी एयर शो को लेकर शहरवासियों की उत्सुकता और बढ़ा दी।
राफेल, सुखोई और तेजस के प्रदर्शन की उम्मीद
नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है। इसके अलावा सूर्य किरण एरोबेटिक दल और सारंग हेलीकॉप्टर दल भी अपने हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांचित कर सकते हैं।
सूर्य किरण दल के हॉक विमानों की सामूहिक उड़ान, पायलटों के बीच सटीक तालमेल और आसमान में तिरंगे के रंगों वाला धुआं कार्यक्रम को खास बना सकता है। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर दल के करतब भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहने की संभावना है।
नमो घाट से अस्सी घाट तक सुरक्षा के इंतजाम
एयर शो के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए नमो घाट से अस्सी घाट तक गंगा किनारे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां की जा रही हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने की योजना है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की तैनाती, निगरानी केंद्रों और अस्थायी पुलिस चौकियों की व्यवस्था भी की जा रही है।
प्रशासन का जोर दर्शकों की सुविधा के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, यातायात नियंत्रित करने और गंगा में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
21 से 25 अक्टूबर तक नमो घाट पर आवाजाही प्रतिबंधित
एयर शो की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 21 से 25 अक्टूबर तक नमो घाट पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रखने की व्यवस्था की गई है। आयोजन के दौरान निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश और गंगा में नौका संचालन को लेकर भी प्रतिबंध लागू किए जाने की तैयारी है।
दर्शकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में वाराणसी समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
गंगा की लहरों, ऐतिहासिक घाटों और काशी की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के बीच होने वाला यह एयर शो शहर के लिए खास आकर्षण बनेगा। सोमवार को हुए अभ्यास ने साफ कर दिया कि आगामी दिनों में काशी का आसमान भारतीय वायुसेना के शौर्य और पायलटों के अद्भुत कौशल का गवाह बनने जा रहा है।
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