इजरायली प्रधानमंत्री ने ईरान और हमास के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का किया बचाव, आलोचकों पर साधा निशाना

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के दौरान गुरुवार को कई देशों के प्रतिनिधि विरोध जताते हुए हॉल से बाहर चले गए। रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही कई प्रतिनिधिमंडलों ने वॉकआउट किया। इसके बावजूद उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा।

वॉकआउट के बाद नेतन्याहू ने अपने संबोधन में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा हमास के खिलाफ इजरायल के रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा प्रमुख रहा

नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई को इजरायल की सुरक्षा से जोड़ते हुए उसका बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजरायल की सुरक्षा के लिए जरूरी था। उनके भाषण में अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सहयोग का भी उल्लेख हुआ।

वॉकआउट पर नेतन्याहू ने की टिप्पणी

भाषण शुरू होने से पहले प्रतिनिधियों के बाहर जाने पर नेतन्याहू ने उन्हें ‘मोरल कायर’ कहकर संबोधित किया और कहा कि जो लोग उनकी बात नहीं सुनना चाहते, वे हॉल से बाहर जा सकते हैं। उनके भाषण के दौरान कुछ समर्थकों की ओर से भी नारे लगाए जाने की खबर है।

गाजा युद्ध और ईरान को लेकर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय मतभेद

नेतन्याहू का भाषण ऐसे समय हुआ है जब गाजा युद्ध और ईरान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरे मतभेद बने हुए हैं। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी अमेरिका की धमकियों का विरोध करते हुए कहा था कि ईरान दबाव में आत्मसमर्पण नहीं करेगा, हालांकि उन्होंने कूटनीति के जरिए समाधान की संभावना खुली रखी।

नेतन्याहू के संबोधन और उसके दौरान हुए वॉकआउट ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल की नीतियों को लेकर जारी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया।