वाराणसी। जनपद के पड़ाव स्थित अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम एवं अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव तथा श्री सर्वेश्वरी समूह के 66वें अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ हुआ।
महोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने की संभावना है। प्रातः 6:15 से 7:15 बजे तक सर्वेश्वरी ध्वजारोहण एवं सफलयोनी पाठ के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। सुबह 7:30 बजे से गुरु दर्शन-पूजन प्रारंभ हुआ, जबकि दोपहर 12 से 3 बजे तक प्रसाद वितरण किया जाएगा। शाम 5 से 7 बजे तक विशिष्टजनों का उद्बोधन एवं पूज्य बाबा का आशीर्वचन होगा तथा रात्रि 8 से 9 बजे तक भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष संभव रामजी ने कहा कि राष्ट्र और समाज का वास्तविक उत्थान तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने आचरण, संस्कार और सेवा भाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि समाज को सही दिशा देने की जिम्मेदारी केवल संतों की नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक की भी है।
आधुनिकता की चकाचौंध में युवा पीढ़ी अपने बड़े-बुजुर्गों और संत-महापुरुषों के आदर्शों से दूर होती जा रही है, जिसके कारण समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के नेतृत्वकर्ता, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और प्रभावशाली लोग स्वयं आदर्श प्रस्तुत करें तो समाज स्वतः सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य के आचरण और व्यवहार में आई गिरावट का प्रभाव प्रकृति पर भी दिखाई दे रहा है, जिसके चलते कहीं अतिवृष्टि, कहीं सूखा तो कहीं भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। अघोर परंपरा के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि अघोर और औघड़ सहज अवश्य हैं, लेकिन उनका मार्ग सुगम नहीं है।
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