धर्म डेस्क। भगवान शिव की आराधना को समर्पित सावन माह इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (सावन पूर्णिमा) तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे महीने शिव पूजा, जलाभिषेक और सात्विक जीवनशैली का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि सावन में शुद्ध और सात्विक भोजन करने से आध्यात्मिक लाभ के साथ स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

सावन में क्या खाएं?

सावन के दौरान हल्का, ताजा और सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है। आहार में बादाम, काजू, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स, नारियल पानी, मौसमी फल, लौकी, शकरकंद और आलू शामिल किए जा सकते हैं। यदि सोमवार का व्रत रख रहे हैं तो सेंधा नमक, काली मिर्च और हरा धनिया का सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है।

सोमवार व्रत में क्या खाएं?

सावन के सोमवार के व्रत में शरीर को ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना उचित माना जाता है। ताजे फल, साबूदाना, मखाना, राजगीरा, अरारोट, दही, पनीर और शुद्ध घी का सेवन किया जा सकता है। ये खाद्य पदार्थ लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होते हैं।

व्रत में किन चीजों से करें परहेज?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दौरान चावल, गेहूं, दालें और अन्य सामान्य अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्याज, लहसुन और मूली से भी परहेज किया जाता है। कई परंपराओं में हल्दी, हींग और लाल मिर्च का उपयोग भी नहीं किया जाता। सावन माह में मांसाहार और शराब से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी जाती है।

रखें इन बातों का भी ध्यान

सावन में केवल भोजन ही नहीं, बल्कि संयमित दिनचर्या, स्वच्छता, नियमित पूजा-पाठ और सात्विक विचारों को भी विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि, व्रत और खानपान की परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो व्रत रखने या आहार में बदलाव से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा।