उर्वरक उपलब्धता, ऋण वितरण और योजनाओं की प्रगति पर हुई समीक्षा, उर्वरक ढुलाई, वजन शिकायत और ऋण वितरण में खामियां का हुआ उजागर
वाराणसी। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक, सहकारिता, मण्डल वाराणसी सोमी सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक जिला सहकारी बैंक वाराणसी मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता विभाग के सभी एडीसीओ, एडीओ, शाखा प्रबंधक तथा बैंक व पीसीएफ के अधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त आयुक्त ने सहकारी संस्थाओं के कार्यों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता एवं बिक्री, एनसीडी पोर्टल के अद्यतन की स्थिति, अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण एवं वसूली, पशुपालक व मत्स्य पालकों को ऋण वितरण, सहकारी बैंकों में जमा की स्थिति, पैक्स के कंप्यूटरीकरण, सहकार से समृद्धि योजनाओं की प्रगति, गेहूं खरीद एवं अवशेष सीएमआर, पैक्स गोदामों के निर्माण एवं मरम्मत, समितियों के निरीक्षण, संतुलन पत्र, ऑडिट तथा जीएसटी सहित विभिन्न बिंदुओं पर हुआ चर्चा।
संयुक्त आयुक्त ने अधिकारियों एवं सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को नियमानुसार एवं पारदर्शी ढंग से उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा शासन की योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हो। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी बीपैक्स में उर्वरक की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिला प्रबंधक पीसीएफ को प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन उर्वरक प्रेषण करने का आदेश दिया गया। उर्वरक प्रेषण एवं आरटीजीएस की समीक्षा प्रतिदिन सहायक आयुक्त, बैंक सचिव तथा जिला प्रबंधक पीसीएफ द्वारा सुनिश्चित करने को कहा गया। शाखा प्रबंधक बड़ागांव नायब सिंह ने बैठक में समस्या उठाई कि बीपैक्स दांदूपुर और पुरारघुनाथपुर से चार-पांच सौ मीटर दूरी पर ही ट्रक द्वारा खाद उतार दी जाती है, जिससे समिति सचिव पर अतिरिक्त ढुलाई खर्च पड़ता है। जिला प्रबंधक पीसीएफ ने भंडारनायक और परिवहन ठेकेदार से बात करके समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। संयुक्त आयुक्त ने निर्देश दिया कि जहां भी उर्वरक की बोरियों में वजन की शिकायत पाई जाए, उसे वापस कर दिया जाए। यदि कई बोरियों में शिकायत हो तो पूरी ट्रक वापस करके संबंधित पक्षों को सूचित किया जाए।
विविधीकृत ऋण वितरण में पिंडरा शाखा की स्थिति अन्य शाखाओं की तुलना में अच्छी पाई गई, जबकि आयर शाखा की स्थिति सबसे खराब रही। शाखा प्रबंधक राजातालाब बैठक में पूछे जाने पर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर संयुक्त आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए सीईओ बैंक को संबंधित शाखा प्रबंधक का प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सुरेंद्र कुमार मौर्य, सीईओ/सचिव जिला सहकारी बैंक मिलिंद, जिला प्रबंधक पीसीएफ सौजन्य त्रिपाठी, अपर जिला सहकारी अधिकारी अवधेश कुमार सिंह सहित लालजी, नीरज आनंद, मुकेश श्रीवास्तव, अमित कुमार मिश्र, अपर सांख्यिकीय अधिकारी शैलेश श्रीवास्तव, समस्त सहायक विकास अधिकारी सहकारिता, जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त आयुक्त ने बैठक के अंत में विभागीय योजनाओं की लक्ष्यानुरूप पूर्ति करने के सख्त निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि अगले माह में पुनः समीक्षा बैठक ली जाएगी। अपेक्षित प्रगति न लाने वाले अधिकारियों एवं शाखा प्रबंधकों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे विभागीय योजनाओं को और अधिक किसानोन्मुखी एवं कल्याणकारी बनाने के लिए आपस में समन्वय के साथ कार्य करें।
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