प्रयागराज। नैनी के अरैल घाट स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प आश्रम इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम क्षेत्र में स्थित यह आश्रम धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और धार्मिक विरासत से जुड़ी विभिन्न झलकियां देखने को मिलती हैं।

आश्रम परिसर में चारों वेदों के साथ ऋषि-मुनियों का स्मरण कराया गया है। इसके अलावा धरती माता, देश की एकता और गौरव का प्रतीक इंडिया गेट, विभिन्न मंदिरों तथा चारों धाम यात्रा से जुड़े धार्मिक स्थलों का भी दर्शन कराया जाता है। एक ही परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को देखने का अवसर मिलने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई देता है।

परमार्थ त्रिवेणी पुष्प आश्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। दूर-दराज से आने वाले लोग परिवार के साथ आश्रम पहुंचकर धार्मिक स्थलों का दर्शन करते हैं और आध्यात्मिक वातावरण में कुछ समय बिताते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि आश्रम परिसर में उन्हें धर्म, संस्कृति और भारतीय परंपरा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां और अनुभव एक साथ प्राप्त होते हैं।

आश्रम के प्रधान पुजारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में कुछ न कुछ भेंट भी दी जाती है।

उन्होंने बताया कि आश्रम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सनातन आध्यात्मिक विचारधारा से जोड़ना है। आश्रम में आने वाले लोगों को चारों वेदों, ऋषि-मुनियों, विभिन्न धार्मिक स्थलों और चारों धाम की यात्रा के महत्व से परिचित कराया जाता है।

अरैल घाट की प्राकृतिक और आध्यात्मिक छटा के बीच स्थित यह आश्रम प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। विशेष पर्वों और धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। गंगा तट के समीप धार्मिक वातावरण में दर्शन और प्रसाद प्राप्त कर श्रद्धालु स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि परमार्थ त्रिवेणी पुष्प आश्रम धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है। यही वजह है कि प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के बीच यह स्थल लगातार अपनी अलग पहचान बना रहा है।