वाराणसी। हरहुआ स्थित राजेश्वरी महिला पीजी कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक एवं साहित्यकार डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान के साथ देश के वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
मुख्य अतिथि डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता को मनुष्य का मौलिक और जन्मजात अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि देश, समाज और मानव जीवन की प्रगति एवं खुशहाली के लिए स्वतंत्रता बेहद आवश्यक है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष के कारण देश को आजादी मिली, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह इसकी गरिमा को बनाए रखे।
डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वतंत्रता असीमित नहीं होती। प्रत्येक देश, समाज और सभ्यता ने स्वतंत्रता की कुछ सीमाएं निर्धारित की हैं, ताकि नागरिक जीवन सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था स्वतंत्रता की परिधि निर्धारित करती है और नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि स्वतंत्रता के साथ कर्तव्यबोध समाप्त हो जाए तो समाज में अराजकता और स्वच्छंदता बढ़ सकती है, जो देश और समाज के लिए संकट का कारण बनती है। उन्होंने छात्राओं से जिम्मेदार नागरिक बनने और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान महाविद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्राओं ने देशभक्ति गीतों और प्रेरक भाषणों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम एवं देशसेवा का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद लोगों का मन मोह लिया और पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल बना दिया।
कार्यक्रम में डॉ. सुनीता कन्नौजिया, ज्योति गुप्ता, शिल्पी श्रीवास्तव, शालू गिरि, इकबाल अहमद, डॉ. डीके तिवारी सहित अन्य शिक्षक एवं महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने प्रमुख रूप से सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन शिल्पी श्रीवास्तव ने किया। अंत में उपनिदेशक अंशुमान सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, छात्राओं एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता के मूल्यों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
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