वाराणसी। काशी में गंगा का बढ़ता जलस्तर और तेज होती लहरें अब डराने लगी हैं। उफनती गंगा के रौद्र होते स्वरूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने किसी भी अनहोनी की आशंका को टालने के लिए सभी प्रकार के नौका संचालन पर अग्रिम आदेश तक पूरी तरह रोक लगा दी है। सावन के दूसरे सोमवार पर काशी में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ा है, लेकिन घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मां गंगा के दर्शन के बाद दूर से ही प्रणाम कर लौटना पड़ रहा है। तेज बहाव और उठती लहरों के कारण नौका विहार पूरी तरह बंद है।
नाविक गोविंद साहनी के मुताबिक गंगा का मौजूदा जलस्तर 63.76 मीटर के आसपास है और फिलहाल स्थिर बना हुआ है। उनका कहना है कि पूर्व में सामान्यतः जलस्तर 65 मीटर के पार पहुंचने पर नौका संचालन रोका जाता था, लेकिन इस बार प्रशासन ने संभावित खतरे को भांपते हुए पहले ही नौकाओं को किनारे खड़ा करा दिया है।
वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। हालांकि गंगा अभी चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन तेज लहरों और बहाव ने नौका संचालन को जोखिम भरा बना दिया है। घाटों पर पहुंचे पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन के फैसले को सुरक्षा की दृष्टि से उचित बताया। उनका कहना है कि नौका विहार बाद में भी किया जा सकता है, लेकिन जान की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है। बढ़ते जलस्तर के बीच घाटों पर पसरी सतर्कता और किनारे खड़ी नौकाएं गंगा के बदलते तेवर की गंभीर तस्वीर पेश कर रही हैं।
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