मोडस ऑपरेंडी और गिरोह की कार्यशैली बहुत चौंकाने वाली
वाराणसी। साइबर क्राइम कमिश्नरेट वाराणसी की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के निर्देशन में चलाए जा रहे 'साइबर वज्र अभियान' के तहत एक बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के कड़े निर्देशों और पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र तथा सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम विनय द्विवेदी के कुशल पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम की टीम ने गोपनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना कैण्ट क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह को धर दबोचा। कार्रवाई के दौरान 8 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, ₹68,275 नगद राशि तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल और भौतिक साक्ष्य बरामद किए गए। गिरोह "भाग्यलक्ष्मी" (https://playbhagyalaxmi.org/) नामक वेबसाइट के माध्यम से संचालित हो रहा था।
जांच व पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह संगठित रूप से काम कर रहा था। स्थानीय स्तर पर ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें वेबसाइट का लिंक उपलब्ध कराया जाता था। खिलाड़ियों से नगद व ऑनलाइन भुगतान लेकर विभिन्न समय स्लॉट में अंक आधारित सट्टा खेलाया जाता था। प्रत्येक टिकट पर खिलाड़ियों का पंजीकरण कर वेबसाइट पर परिणाम घोषित किए जाते थे। सबसे गंभीर बात यह थी कि गिरोह सर्वाधिक चुने गए नंबलों का विश्लेषण कर वेबसाइट संचालकों की मदद से परिणामों में हेराफेरी करता था, जिससे ज्यादातर खिलाड़ी आर्थिक रूप से हानि उठाते थे और गिरोह मोटा अवैध मुनाफा कमाता था। ग्राहकों से संपर्क, भुगतान व नेटवर्क चलाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप व अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था।
बरामद मोबाइल फोनों की प्रारंभिक जांच में व्हाट्सएप ग्रुप, चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, भुगतान विवरण और हिसाब-किताब जैसे अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनका विस्तृत फॉरेंसिक विश्लेषण चल रहा है। अन्य संलिप्त व्यक्तियों, वित्तीय लाभार्थियों और तकनीकी सहयोगियों की भी गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम पहला पवन अग्रहरि (31 वर्ष), पुत्र मुन्नु लाल अग्रहरि, सदर बाजार, थाना कैण्ट, दूसरा अंशुमान चन्द्र (30 वर्ष), पुत्र स्व. रमेश कुमार, सदर बाजार, थाना कैण्ट, तीसरा दीपक कुमार गुप्ता (30 वर्ष), पुत्र सूरज कुमार गुप्ता, सदर बाजार, थाना कैण्ट, चौथा शिव कुमार साहनी (50 वर्ष), पुत्र स्व. केदार माँझी, त्रिपुरा भैरवी घाट, थाना दशाश्वमेघ, पाँचवा मो. खुर्शीद (35 वर्ष), पुत्र स्व. मो. सिद्दीकी, सदर बाजार, थाना कैण्ट, छ:टवा ललित मोहन उर्फ सोनू (30 वर्ष), पुत्र स्व. जगदीश नारायण, सदर बाजार, थाना कैण्ट, सातवा विकास कुमार गुप्ता उर्फ विक्की (28 वर्ष), पुत्र स्व. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, सदर बाजार, थाना कैण्ट, अठवा सुनील कुमार (53 वर्ष), पुत्र स्व. राम जी गुप्ता, नचनी कुआँ/पापा कटरा फुलवरिया, थाना कैण्ट/आदमपुर के निवासी है।
मामले की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अपराध संख्या-31/2026 के तहत धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), धारा 66डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा धारा 13 उत्तर प्रदेश सार्वजनिक जुआ अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच चल रही है। पुलिस की जनता से अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ या त्वरित लाभ वाले प्लेटफॉर्म से दूर रहें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अनधिकृत वेबसाइट/ऐप पर पैसा निवेश करने से पहले उसकी वैधता जांचें। यदि कोई सट्टेबाजी का प्रलोभन दे तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम थाना को सूचित करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के प्रति पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
Comments (0)