वाराणसी। ज्ञानवापी विवाद के समाधान की दिशा में शुरू की गई मध्यस्थता प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। शीर्ष अदालत के निर्देश पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित समाधान केंद्र में मंगलवार, 14 जुलाई को दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद 21 से 23 अगस्त तक तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत आयोजित किए जाने की भी तैयारी है, जहां बातचीत के जरिए विवाद का समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि, बैठक से एक दिन पहले अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी सैयद यासीन ने वीडियो संदेश और पत्र जारी कर कहा कि मुस्लिम पक्ष इस समाधान प्रक्रिया में शामिल नहीं होगा।

उधर, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता रईस अहमद अंसारी ने बताया कि वाराणसी जिला न्यायालय में समाधान केंद्र के समक्ष इस प्रकरण में अब तक चार तिथियां पड़ चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार हिंदू पक्ष की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे पुनः सुनवाई निर्धारित है। अब देखना होगा कि इस बार विपक्ष समाधान प्रक्रिया में शामिल होता है या नहीं।

मध्यस्थता प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख के बीच अब सभी की निगाहें 14 जुलाई की बैठक पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत के लिए एक साथ बैठते हैं, तो विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।