नशे में धुत सिपाही के अभद्र व्यवहार के खिलाफ लालपुर थाने का घेराव कर पत्रकारों का अर्धनग्न धरना

लालपुर थाने का घेराव, मुकदमा दर्ज कर आरोपी को निलंबित करने की मांग

वाराणसी। स्थानीय पत्रकारों और आम नागरिकों के बीच पुलिस की रवैये को लेकर भारी नाराजगी फैल गई है। पांडेपुर चौकी पर एक नशे में धुत सिपाही द्वारा पत्रकार के साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और मोबाइल व वाहन की चाबी छीनने की कोशिश के बाद शहर के पत्रकार संगठनों ने बुधवार को लालपुर थाने का घेराव कर अर्धनग्न धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन संध्याकालीन प्रारम्भ होकर रात्रि तक जारी रहा। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते हुए इसके सम्मान की रक्षा के लिए पत्रकार एकजुट हो गए हैं। घटना के अनुसार, एक स्थानीय पत्रकार देवेंद्र पांडेय पांडेपुर चौकी पर रिपोर्टिंग करने गए थे। वहां मौजूद एक सिपाही नशे की हालत में था। उसने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया, उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। साथ ही अश्लील व अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं। चौकी प्रभारी की मौजूदगी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। नशे में धुत सिपाही चौकी प्रभारी को भी उल्टा-सीधा बोलने लगा।

इसके बाद पीड़ित पत्रकार देवेंद्र पांडेय ने लालपुर थाने में लिखित तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इस पर नाराज पत्रकार संगठनों ने थाने का घेराव कर अर्धनग्न प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश के चौथे स्तंभ का मान-सम्मान बनाए रखने के लिए यह संघर्ष जरूरी है। अब तक किसी भी उच्च अधिकारी ने मामले का संज्ञान नहीं लिया है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस हरकत पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी अक्सर नशे में धुत्त होकर हंगामा करते रहते हैं और आम लोगों को परेशान करते हैं। ऐसे मामलों में कोई सख्ती नहीं दिखाई जाती। पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी सिपाही के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए, उसे निलंबित किया जाए और उच्च स्तर से जांच कर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन जारी है। पत्रकारों ने न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है। शहर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर।