बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद ने दिया पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन, पवित्र माह सावन में बढ़ा लोगों का आक्रोश
शहर भर में पर्यटन का आवा गमन तेज, सावन के साथ कावड़ यात्रा को लेकर सनातनी को चिंता
वाराणसी। काशी नगरी अध्यात्म और देवी-देवताओं की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। सावन का पवित्र माह अगस्त से प्रारंभ हो रहा है, जिसमें शिव भक्त कावड़ लेकर यात्रा पर निकलते हैं। ऐसे में शहर के कई मंदिरों के सामने मीट की दुकानों के कारण सनातन धर्म की आस्था को गहरी ठेस पहुंच रही है। शहर से लेकर देहात तक बाबा को जल चढ़ाने वाले मंदिरों के आसपास इन दुकानों से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। बजरंग दल काशी महानगर संयोजक विशाल मौर्य ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने के बाद उन्होंने बताया कि कचहरी से मात्र 200 मीटर दूर शीतला माता मंदिर जहां पीएनबी बैंक, दूध मंडी, सर्किट हाउस के सामने के ठीक सामने दिल्ली दरबार ढाबा नाम से आमिर और जफर द्वारा मीट-मांस की दुकान खोली गई है। इस मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों महिलाएं व पुरुष पूजा-पाठ के लिए आते हैं। दुकान के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सनातनियों की भावनाएं आहत हो रही हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
इसी क्रम में वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों में मंदिरों के सामने या समीप विधर्मियों द्वारा जानबूझकर सनातन आस्था को ठेस पहुंचाने के इरादे से नॉनवेज रेस्टोरेंट और मीट की दुकानें खोली जा रही हैं। इनमें हैदराबादी, मुरादाबादी, दिल्ली दरबार जैसे नाम शामिल हैं। हिंदुओं के पवित्र सावन माह की शुरुआत होने जा रही है और कावड़ियों का मुख्य मार्ग भी यहीं से गुजरता है, ऐसे में यह स्थिति और संवेदनशील बन गई है। ज्ञापन देने के समय विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल काशी महानगर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से बजरंग दल काशी महानगर संयोजक विशाल मौर्य, विश्व हिंदू परिषद काशी मेहनगर उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष राजेश मिश्रा, निखिल मिश्रा, विनय सहित अन्य कई पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे। संगठनों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि मंदिरों की गरिमा बनाए रखते हुए इन दुकानों पर तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि सावन के पावन महीने में किसी भी प्रकार का धार्मिक तनाव उत्पन्न न हो।
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