मेजा (प्रयागराज)। मेजा तहसील के भटौती क्षेत्र में संचालित कई क्रेशर प्लांटों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई क्रेशर प्लांट बिना आवश्यक मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ प्लांटों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक खनन किया जा रहा है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात चल रहे खनन कार्य और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। उड़ती धूल से लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तथा खेतों में खड़ी फसलों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि खनन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से बेखबर बने हुए हैं। उनका आरोप है कि नियमित निरीक्षण नहीं होने के कारण नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध खनन और पर्यावरणीय नुकसान लगातार बढ़ता जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भटौती क्षेत्र में संचालित सभी क्रेशर प्लांटों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जिन इकाइयों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही मानक से अधिक खनन की भी जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि संबंधित विभाग या क्रेशर संचालकों का पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा समय पर कार्रवाई किए जाने से अवैध खनन पर रोक लगेगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिलेगी।
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