शिक्षा, शिक्षक अधिकार और युवा रोजगार होंगे प्रमुख मुद्दे, निर्दलीय के रूप में लड़ेंगे चुनाव

वाराणसी। गाजीपुर के राजनीतिक गलियारों में स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग के विभिन्न उच्च पदों पर लंबी सेवाएं दे चुके और गाजीपुर के मूल निवासी चंद्रजीत सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में अपनी उम्मीदवारी और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि वे 2003-04 और 2012-13-14 में दो बार डीआईओएस रह चुके हैं। इसके अलावा एक महीने तक डायरेक्टर हिंदी संस्थान तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों व मंडलों में डिप्टी डायरेक्टर और प्रभारी डीडी के पदों पर काम किया। 

वर्ष 2023 में वे सेवानिवृत्त हुए। चुनावी मुद्दों पर उन्होंने कहा कि समाज और लोगों की सेवा के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। इनका मुख्य फोकस शिक्षा, शिक्षक और नौजवानों के अधिकारों पर रहेगा। वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और बेरोजगार युवाओं को रोजगार (या तब तक बेरोजगारी भत्ता) उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। सिटीजन चार्टर एक्ट लागू होने के बाद हर समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। गुरुजी हफ्ता, निःशुल्क शिक्षा और शिक्षकों के मानदेय में असमानता दूर करने के लिए भी आवाज उठाई जाएगी। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्होंने साफ कहा कि वे किसी दबाव या पार्टी विशेष के झंडे तले नहीं आएंगे। अपने सेवाकाल के नियमों और कानूनों के तहत जनता की आवाज उठाएंगे। मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी राजनीतिक दल के बहकावे में न आकर एक स्वतंत्र प्रत्याशी का समर्थन करें।