चंदौली।जनपद के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के भरदुआ गांव में सोमवार को वन भूमि से कथित अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। घंटों तक चली मशक्कत के बाद भी कार्यवाई पूरी नहीं हो सकी और प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौगढ़ के उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा भारी पुलिस बल, वन विभाग की टीम तथा बुलडोजर के साथ भरदुआ पहुंचे थे। वन विभाग का दावा है कि संबंधित भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, जिसे हटाने की कार्यवाई की जानी थी। हालांकि मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और छात्र जुट गए तथा कार्यवाई का विरोध करते हुए प्रशासन से अतिक्रमण न हटाने की गुहार लगाते रहे।

बताया जा रहा है कि चार थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रशासन को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन स्थिति को देखते हुए बिना कार्यवाई किए टीम को वापस लौटना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1973 के आसपास विजयपुर (बिजौरा) क्षेत्र से भेड़ा फार्म परियोजना के लिए कई परिवारों का विस्थापन किया गया था। उसी दौरान ये परिवार भरदुआ में आकर बस गए और तब से यहीं रह रहे हैं। उनका कहना है कि यदि अब उन्हें यहां से भी हटाया जाता है तो उनके सामने पुनर्वास और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

फिलहाल वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीण पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं, जबकि वन विभाग भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कह रहा है।