मेजा, प्रयागराज। मेजा विकासखंड के भटौती स्थित गौशाला की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में गोवंश खुलेआम सड़कों और खेतों में घूमने को मजबूर हैं। इससे जहां एक ओर किसानों की फसलें नुकसान हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और देखभाल की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई बार गोवंश गौशाला से बाहर निकलकर आसपास के गांवों और मुख्य मार्गों पर पहुंच जाते हैं। रात के समय सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौशाला की स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद धरातल पर व्यवस्थाएं संतोषजनक दिखाई नहीं दे रही हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भटौती गौशाला का तत्काल निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाए। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, नियमित चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि गोवंश गौशाला के अंदर ही सुरक्षित रह सकें।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गौशाला की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो गोवंश की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता की जान-माल का खतरा भी बढ़ता जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने तथा गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की मांग की है।
Comments (0)