वाराणसी। शिवपुर स्थित पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के चौथे पड़ाव पांचों पांडव मंदिर पर शुक्रवार दोपहर मे नगर निगम के जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिवपुर पार्षद बलिराम प्रसाद कनौजिया सहित दुकानदार और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। यह निरीक्षण स्थानीय लोगों ने बताया कि 3 माह से निरीक्षण हो रहा है, लेकिन 22 जून के आदेश के बाद चौथा निरीक्षण है। फोटो में जोनल अधिकारी मंदिर परिसर और अतिक्रमण वाली दुकानों का जायजा लेते दिखे। स्थानीय नागरिकों ने जोनल अधिकारी को बताया कि उनके निर्देश पर मंदिर के महंत रमेश तिवारी ने स्वयं अपने रेस्टोरेंट को तोड़ने का कार्य किया और शिखर का हिस्सा भी हटा दिया, लेकिन मुख्य रास्ता आज भी महज 3 फीट ही रह गया है। इसके बावजूद कुछ दबंग दुकानदार किराए का हवाला देते हुए दुकानों की मांग कर रहे हैं।
लोगों ने सवाल उठाया कि आस्था की नगरी के मंदिर परिसर में व्यावसायिक समीकरण बनाना कितना उचित है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के अंदर उचित जगह ही नहीं है। सावन मास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, ऐसे में मंदिर परिसर में दुकानें बनाने से श्रद्धालुओं को घूमने-दर्शन करने में भी दिक्कत होगी। स्थानीय लोगों ने जोर देकर कहा, मंदिर के चारों तरफ किसी भी प्रकार के व्यावसायिक समीकरण के तहत दुकानें नहीं बननी चाहिए। उन्होंने जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद से अपील किया हैं कि सावन मास नजदीक आ रहा है, इसलिए अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई हो। अतिक्रमण वाली दुकानों को हटाकर मुख्य रास्ता चौड़ा किया जाए। अब देखना है कि नगर निगम के आयुक्त हिमांशु नागपाल क्या कदम उठाते हैं क्या सावन माह प्रारंभ होने से पहले पांचो पांडव मंदिर का मुख्य द्वार चौड़ा होता है कि नहीं यह देखने का विषय है। जोनल अधिकारी ने स्थानीय लोगों की शिकायतों को सुना और मंदिर परिसर व अतिक्रमण की स्थिति का मौके पर जायजा लिया। क्या जोनल अधिकारी आस्था की नगरी शिवपुर में स्थानीय लोगों के विश्वास को कायम रखते हुए आगे क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Comments (0)