प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय बालगृह (बालिका), खुल्दाबाद का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं, सुविधाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया, उनके शैक्षिक एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यों की सराहना की तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। राज्यपाल ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत बालिका गृह परिसर में क्लाउड किचन एवं आउटलेट निर्माण का शिलान्यास भी किया।

निरीक्षण की शुरुआत राज्यपाल ने बालिकाओं द्वारा तैयार किए गए टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम), आर्ट एंड क्राफ्ट सामग्री, विभिन्न प्रकार के आवास मॉडल तथा एआई हेल्थ केयर मॉडल के अवलोकन से की। उन्होंने बालिकाओं की रचनात्मकता और तकनीकी समझ की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ कौशल विकास भविष्य निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि जीवन में आगे बढ़ना है तो दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने से आत्मनिर्भर बनने का मार्ग आसान हो जाता है।

राज्यपाल ने बालिका गृह में संचालित पाक कला, योग प्रशिक्षण, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई एवं क्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से बातचीत करते हुए कहा कि इन कौशलों के माध्यम से वे भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों एवं स्टाफ की भी सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कॉमन हॉल में राज्यपाल ने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत साक्ष्य पीड़ित बालिकाओं से अलग से संवाद किया। उन्होंने उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति एवं संस्था में उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां जीवन की अंतिम मंजिल नहीं होतीं। आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने से हर चुनौती पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने बालिकाओं को स्वच्छता अपनाने, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करने, नियमित दिनचर्या का पालन करने तथा मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर उन्होंने पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को मिष्ठान भी वितरित किया।

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने महिला स्टाफ, शिक्षकों, चिकित्सकों, रसोइयों और सफाई कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार, सुरक्षित वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बालगृह में रहने वाली प्रत्येक बालिका का समग्र विकास सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत राज्यपाल ने राजकीय बालगृह (बालिका), खुल्दाबाद परिसर में क्लाउड किचन एवं आउटलेट निर्माण का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से बालिकाओं को खाद्य प्रसंस्करण एवं पाक कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राज्यपाल ने बालिका गृह में आवासित प्रत्येक बालिका की व्यक्तिगत पत्रावली का भी अवलोकन किया और उनके शैक्षिक, स्वास्थ्य एवं पारिवारिक विवरणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बालिका की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संस्था में तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों, सजावटी सामग्री एवं शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े टीएलएम की भी सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली 18 बालिकाओं को प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने सभी बालिकाओं को निरंतर अध्ययन करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने तथा समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।

अपने दौरे के अंत में राज्यपाल ने बालिका गृह में रह रही बालिकाओं एवं बच्चों को स्नैक्स पैकेट और चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। बालिकाओं ने भी राज्यपाल के साथ अपने अनुभव साझा किए और संस्था में मिल रही सुविधाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी', प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उपमा पाण्डेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, सीडीपीओ संजिता सिंह सहित महिला कल्याण विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राज्यपाल के इस दौरे ने बालिका गृह में रह रही बालिकाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उनके कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूत संदेश दिया।