प्रयागराज । सनातन शताब्दी अखाड़े के नवनियुक्त महामंडलेश्वर राजेश गिरी महाराज के प्रयागराज नगर प्रवेश पर शनिवार को भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। उनके गृह आगमन पर श्रद्धालुओं और संत समाज ने पुष्पवर्षा, जयघोष तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम को लेकर नैनी एवं अदा क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
नगर प्रवेश के अवसर पर नैनी और अदा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से भव्य शोभायात्रा एवं आकर्षक झांकियां निकाली गईं। शोभायात्रा में विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा, महामंडलेश्वर, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का स्वागत किया तथा हर-हर महादेव और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर श्री श्री 108 महामंडलेश्वर राजराजेश्वरी योग माता राधिका पुरी (पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी), श्री श्री 108 महामंडलेश्वर डॉ. रमन पुरी जी महाराज (पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी), अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रविंद्र पुरी जी महाराज, श्री श्री 108 महामंडलेश्वर चंद्रमणि पुरी जी महाराज (सनातन शताब्दी अखाड़ा), महामंडलेश्वर विनयानंद गिरी महाराज (श्री निरंजनी अखाड़ा) तथा किन्नर अखाड़ा परिषद की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ नवनियुक्त महामंडलेश्वर राजेश गिरी महाराज को शपथ दिलाई गई। संतों ने उन्हें सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने तथा मानव सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।
अपने संबोधन में संतों ने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए संत समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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