वाराणसी/रोहनिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत पात्र गृहस्थी एवं गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शनिवार को बच्छाव पंचायत भवन में जागरूकता एवं नामांकन कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के गठन, बैंक खाता संचालन, नियमित बचत, स्वरोजगार तथा सरकार की विभिन्न वित्तीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कैंप के दौरान ग्राम विकास अधिकारी विजय कनौजिया ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पात्रता एवं समूह के बेहतर संचालन के आधार पर महिलाओं को रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) और कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) जैसी वित्तीय सुविधाओं का लाभ नियमानुसार मिल सकता है। इन सुविधाओं के माध्यम से महिलाएं सिलाई, पशुपालन, छोटे व्यवसाय सहित विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं।

ADO-ISB रामजी सिंह ने बताया कि पात्र राशन कार्ड धारक, अंत्योदय परिवार, मनरेगा मजदूर तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। सामान्य तौर पर 10 से 20 महिलाओं का समूह बनाकर उसका बैंक खाता खोला जाता है। समूह की महिलाएं नियमित रूप से बचत करती हैं और समूह के सुचारु संचालन तथा पात्रता के आधार पर नियमानुसार विभिन्न वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को केवल बचत से नहीं जोड़ते, बल्कि उन्हें रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक रूप से छोटे कारोबार शुरू कर आर्थिक रूप से अपने परिवार को मजबूत करने के साथ ही आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

समय से अधिकारी नहीं पहुंचे, प्रधान ने जताई नाराजगी

कैंप के दौरान संबंधित अधिकारी के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने को लेकर ग्राम प्रधान रामचरित पटेल ने नाराजगी जताई। ग्राम प्रधान ने बताया कि कैंप का समय सुबह नौ बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे तक संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समय से पहुंचे ग्रामीणों और महिलाओं को इंतजार करना पड़ा।

ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता कैंप महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे कार्यक्रमों में अधिकारियों की समय से मौजूदगी जरूरी है, ताकि पात्र महिलाओं को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया सही तरीके से समझाई जा सके।

कैंप में खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार यादव, ग्राम प्रधान रामचरित पटेल, ग्राम विकास अधिकारी विजय कनौजिया, सचिव विजय कुमार सहित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने पात्र महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।