वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से इंटरनेशनल हिंदू स्कूल, लंका एवं वाराणसी वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को विद्यालय परिसर में वृहद पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और वन विभाग की टीम ने मिलकर पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान के अंतर्गत 500 से अधिक पौधों का वितरण भी किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण के लिए प्रेरित हो सकें।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वृक्षों के महत्व, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी करे। अधिकारियों ने छात्रों से पौधारोपण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने अमेरिका के ओहियो से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि "पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जीवन की नींव हैं। यदि आज हम एक पौधा लगाते हैं तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण करते हैं। हर छात्र को वर्ष में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसकी जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अभियान के तहत विद्यालय के विद्यार्थियों ने नगवां और शिवपुरी कॉलोनी क्षेत्र में जागरूकता फेरी भी निकाली। इस दौरान छात्रों ने स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा उन्हें अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने लोगों के बीच पौधों का वितरण भी किया और हरियाली बढ़ाने की अपील की।

विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीम, पीपल, बरगद, आम और अशोक जैसे पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया गया। साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यालय कर्मचारियों को भी पौधे वितरित किए गए। सभी से आग्रह किया गया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें, ताकि भविष्य में वे बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आने वाले समय में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे अभियान लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो सके। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रबंधक संध्या मिश्रा, प्रधानाचार्य संतोष कुमार तिवारी, उपप्रधानाचार्य गणेश शंकर चतुर्वेदी, हेड मिस्ट्रेस अनुपम श्रीवास्तव, वन विभाग के अधिकारी, समस्त शिक्षक, कर्मचारी, छात्र एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

विद्यालय और वन विभाग की इस संयुक्त पहल को उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताते हुए इसकी सराहना की। यह अभियान न केवल वृक्षारोपण तक सीमित रहा, बल्कि समाज में हरियाली, स्वच्छ पर्यावरण और जलवायु संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम भी बना।