मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के रामनगर की कई बस्तियों में बारिश के बाद सड़कें कीचड़ से भर गई हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क पर जगह-जगह जलभराव और दलदल जैसी स्थिति बनने से पैदल चलना तक दूभर हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़कें पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। कई स्थानों पर फिसलन इतनी अधिक है कि लोग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को कपड़े और जूते कीचड़ से सने हुए पहुंचने पड़ते हैं, जबकि बाइक और साइकिल सवारों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत एवं निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर खड़ंजा या पक्की सड़क बन जाने से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहन भी बस्ती तक आसानी से नहीं पहुंच पाते, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। वहीं जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि रामनगर की प्रभावित बस्तियों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा सड़क का निर्माण एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के पूरे मौसम में उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा।