मेजा, प्रयागराज ।मेजा क्षेत्र के ग्राम सभा परानीपुर में शनिवार को लोक कला महासंघ की यमुनापार इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रसिद्ध भोजपुरी बिरहा गायक मुन्ना लाल यादव ने की। इस दौरान पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने अपनी समस्याओं और लोक कला के संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में लोक कला महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चंद यादव, जिला प्रभारी पंचम लाल यादव, रामबाबू यादव, कमलेश कुमार यादव, त्रिभुवन नाथ गौड़, राकेश कुमार और अरविंद कुमार यादव सहित कई वरिष्ठ कलाकार मौजूद रहे। पूर्व ब्लाक के कलाकार भी बड़ी संख्या में बैठक में शामिल हुए।
विकासखंड उरुवा के पुराने और वरिष्ठ कलाकारों में मेवालाल, राजित राम, आशुतोष कुमार, ओम यदुवंशी, परमात्मा राम, रामजी सुमन, कन्हैयाल, मौजी लाल, राकेश कुमार, मोहम्मद रफी, राजू कुमार, ओमप्रकाश, मुशर्रफ अली, पंन्धारी, नन्हेंलाल, चंद्रमा और बद्री ने भी बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
बैठक में प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं पर विचार किया गया। कलाकारों ने कहा कि लोक कला को सरकारी मंच और आर्थिक सहयोग नहीं मिलने से युवा पीढ़ी इस ओर आकर्षित नहीं हो रही है। प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चंद यादव ने कहा कि महासंघ का उद्देश्य लोक कला, लोकगीत, बिरहा, नौटंकी और पारंपरिक वाद्य यंत्रों को जीवित रखना है। इसके लिए हर ब्लाक स्तर पर इकाई को मजबूत किया जाएगा और सरकार से कलाकारों के लिए पेंशन व सम्मान राशि की मांग की जाएगी।
जिला प्रभारी पंचम लाल यादव ने कहा कि जमुनापार क्षेत्र लोक कला की समृद्ध परंपरा रखता है। यहां के कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी कलाकारों से एकजुट होकर महासंघ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में सभी कलाकारों ने प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया कि हर महीने एक बैठक कर लोक कलाकारों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और नई प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन रामबाबू यादव ने किया। अंत में सभी ने लोक कला को बचाने का संकल्प लिया।
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