मेजा (प्रयागराज)। मेजा क्षेत्र के उरुवा चौराहे से लगभग 100 मीटर की दूरी पर, बैंक ऑफ बड़ौदा के बगल स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप कथित रूप से एक अवैध क्लीनिक संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक व्यक्ति, जिसे क्षेत्र में "बंगाली डॉक्टर" के नाम से जाना जाता है, बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक चिकित्सीय मानकों के अपने घर में क्लीनिक संचालित कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, पत्रकारों की एक टीम जब मौके पर पहुंची तो क्लीनिक में कई मरीज भर्ती मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है तथा गंभीर मामलों में ऑपरेशन जैसे चिकित्सीय कार्य भी किए जाते हैं। आरोप यह भी है कि संबंधित व्यक्ति के पास मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री नहीं है, इसके बावजूद वह लंबे समय से चिकित्सा अभ्यास कर रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूर्व में कथित गलत इलाज के कारण कई मरीजों की जान जाने की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ऐसे कथित अवैध क्लीनिकों का संचालन जारी है।

स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने समय-समय पर फर्जी और अवैध अस्पतालों तथा झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद प्रयागराज जनपद में ऐसे मामलों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित क्लीनिक के दस्तावेजों और पंजीकरण की जांच करने तथा यदि अनियमितताएं पाई जाएं तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।