भांवरकोल (गाजीपुर)। युवा शक्ति की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से अवथहीं स्थित ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल में विश्व युवा कौशल दिवस उत्साह और प्रेरणादायी वातावरण के बीच मनाया गया। विद्यालय परिसर एक दिन के लिए विज्ञान, तकनीक और नवाचार की जीवंत प्रयोगशाला में बदल गया, जहां बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता, तकनीकी समझ और व्यावहारिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। विज्ञान एवं तकनीकी प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल न केवल उनकी प्रतिभा के परिचायक बने, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का समाधान स्वयं तैयार कर सकती है।
प्रदर्शनी में कक्षा 5 से 9 तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सबसे विशेष बात यह रही कि अधिकांश मॉडल घर में अनुपयोगी पड़ी वस्तुओं और कबाड़ सामग्री से तैयार किए गए थे। विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद रचनात्मक सोच से उपयोगी और प्रभावशाली आविष्कार किए जा सकते हैं।
प्रदर्शनी में सोलर सिस्टम, ह्यूमन ब्रेन, हृदय, फेफड़े, पौधों के प्रकार, आधुनिक सिंचाई प्रणाली, एटीएम मशीन, वैक्यूम क्लीनर, वॉटर डिस्पेंसर, मिनी वॉटर कूलर, स्वचालित लाइट और फैन सहित कई आकर्षक वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने प्रत्येक मॉडल की कार्यप्रणाली का आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया और उपस्थित लोगों के सवालों के उत्तर देकर अपनी वैज्ञानिक समझ का परिचय दिया। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इन मॉडलों की खूब सराहना की।
प्रतियोगिता में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। कक्षा 8 के छात्र सौरभ शर्मा, धर्मरक्षित राय और मिश्रा आर्यन गोस्वामी ने 'स्टेट एंड कैपिटल वर्किंग मॉडल' प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 7 की छात्राओं ने 'स्किल यूथ, पावरफुल फ्यूचर' थीम पर आधारित मॉडल के लिए द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि कक्षा 7 के विद्यार्थियों द्वारा तैयार 'भूकंप संकेतक यंत्र (Earthquake Indicator)' को तृतीय स्थान मिला। इन सभी मॉडलों ने विज्ञान के साथ-साथ समाजोपयोगी सोच का भी प्रभावी संदेश दिया।
विद्यालय के प्रबंधक इंद्रसेन राय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि "युवा शक्ति देश की प्रगति का इंजन और बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। युवा केवल भविष्य की आशा नहीं, बल्कि वर्तमान की वह ऊर्जा हैं जो नए भारत का निर्माण कर सकती है।" उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करते हैं तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज राय और उपप्रधानाचार्य ज्योति सुब्बा ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, मेहनत और प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर उसे सही दिशा देना भी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी नवाचार और अनुसंधान की भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य पंकज राय ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं शिक्षक पूनम ठाकुर, तरन्नुम सागर, शादाब, अमित पांडे और रितेश श्रीवास्तव सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
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