मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के बगहा शिमला बस्ती में आज भी ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। लगभग 100 से 200 लोगों की आबादी वाली इस बस्ती तक जाने वाला मार्ग बेहद जर्जर और कच्चा है। बारिश के मौसम में यह रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती तक पहुंचने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं है। बरसात के दौरान रास्ता पूरी तरह फिसलन भरा हो जाता है और कई स्थानों पर पानी भर जाने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर इस बस्ती में अब तक कोई ठोस कार्य नहीं कराया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय विधायक और सांसद को लिखित शिकायत देकर सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या तब होती है, जब किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो जाती है। खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस बस्ती तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीज को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार इससे इलाज में देरी होने का खतरा भी बना रहता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बगहा शिमला बस्ती तक शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से राहत मिल सके। उनका कहना है कि सड़क बनने से बच्चों की शिक्षा, किसानों के आवागमन और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।

हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। यदि प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।